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लोगों की जमीन पर कितनी हुई डंपिंग मांगा रिकॉर्ड

Sun, 16 Feb 2020 10:24 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2020 10:24 PM IST
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बिलासपुर। अवैध डंपिंग, ब्लास्टिंग और जमीनों के धंसने को लेकर विस्थापितों और मछुआरों की एक साल पहले की शिकायत पर प्रशासन अब कार्रवाई करने जा रहा है। एक साल बाद जागे जिला प्रशासन ने अब एनएचएआई से सात दिन के अंदर इस मामले में रिपोर्ट तलब की है। इस संबंध में एसडीएम बिलासपुर के कार्यालय से पत्र संख्या बीएसएस-एसडीएम-पेशी-3(28)/2013 दिनांक 14-2-2020 के माध्यम से एनएचएआई को आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में एक कॉपी पूर्व सैनिक मदन लाल शर्मा को भेज कर भी अवगत करवाया है।
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उल्लेखनीय है कि करीब एक साल पहले विस्थापितों, प्रभावितों और मछुआरों की ओर से राज्य सरकार को पत्र लिख कर कहा गया था कि मलबा निजी जमीन पर डाला जा रहा है। इसके अलावा अवैध ब्लास्टिंग से मकान दो फाड़ हो गए हैं। जबकि कटिंग के कारण लोगों की जमीनें भी धंस चुकी हैं। गोबिंदसागर में हुई डंपिंग से मछुआरों को भी नुकसान हो रहा है। एक साल पहले भेजे गए इस शिकायत पत्र के बाद भी कई रिमाइंडर दिए हैं। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था लेकिन एक साल तक कमेटी की ओर से कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।
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इसके बाद गत रोज पहले विस्थापित एवं प्रभावित एसडीएम से मिले और उन्हें समस्या से अवगत करवाया गया जिस पर एसडीएम ने कार्रवाई करते हुए 14 फरवरी को आदेश जारी कर एनएचएआई सेे एक सप्ताह के अंदर पूरा रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। वहीं एसडीएम ने कॉफर डैंम की स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है।
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गौर रहे कि एक साल पहले चारों तहसीलों और मछुआरों की 19 कमेटियों के करीब 2300 लोगों ने इस संबंध में पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है जिसके बाद कमेटी बनी थी और कमेटी ने इस वर्ष कार्रवाई शुरू कर दी है।
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