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अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन हुआ लाचार
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अतिक्रमण हटाने के लिए तैयार बैठे लोनिवि के कर्मचारी।
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। सोमवार को अवैध कब्जों पर होने वाली कार्रवाई पर राजनीतिक दबाव इस कद हाबी रहा कि प्रशासन हाईकोर्ट के आदेशों का भी पालन नहीं कर पाया। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद कब्जे हटाने की सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया था लेकिन इससे पहले सरकारी अमला कार्रवाई के लिए निकलता एक बार फिर से राजनीतिक दबाव हाबी हो गया जिस कारण प्रशासन अपनी कोई भी कार्रवाई दिन भर नहीं कर पाया। हालांकि रविवार देर शाम तक भी कई लोगों को प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं मौके पर पहुंच कर कब्जे खाली करने के नोटिस थमाए थे।
ऐसे में अब जिला प्रशासन के सामने आगे कुंआ पीछे खाई वाले हालत बने हुए हैं क्योंकि अगर कब्जों को नहीं हटाया गया तो हाईकोर्ट आदेश न मानने और उनकी अवहेलना करने पर कड़ी कार्रवाई कर सकता है। वहीं कोर्ट के आदेश माने तो राजनीतिक आकाओं की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि सोमवार सुबह ही सरकारी अमला कार्रवाई के लिए निकल ही रहा था कि इसी दौरान मामले को एक बार फिर से सरकार के समक्ष रखा गया लेकिन बताया जा रहा है कि दोपहर तक सरकार की ओर से कोई खास जवाब नहीं आया। ऐसे में जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने संकट खड़ा हुआ है कि अब करें तो क्या करें?
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सूत्रों की मानें तो भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेता लगातार प्रशासन पर दबाव बनाए हुए हैं कि उक्त कार्रवाई न की जाए। जबकि हाईकोर्ट ने सख्त आदेश दिए हैं कि हर हाल में कब्जों को हटाया जाए।
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ऐसे में अब जिला प्रशासन के सामने आगे कुंआ पीछे खाई वाले हालत बने हुए हैं क्योंकि अगर कब्जों को नहीं हटाया गया तो हाईकोर्ट आदेश न मानने और उनकी अवहेलना करने पर कड़ी कार्रवाई कर सकता है। वहीं कोर्ट के आदेश माने तो राजनीतिक आकाओं की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है।
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हालांकि सोमवार सुबह ही सरकारी अमला कार्रवाई के लिए निकल ही रहा था कि इसी दौरान मामले को एक बार फिर से सरकार के समक्ष रखा गया लेकिन बताया जा रहा है कि दोपहर तक सरकार की ओर से कोई खास जवाब नहीं आया। ऐसे में जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने संकट खड़ा हुआ है कि अब करें तो क्या करें?
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सूत्रों की मानें तो भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेता लगातार प्रशासन पर दबाव बनाए हुए हैं कि उक्त कार्रवाई न की जाए। जबकि हाईकोर्ट ने सख्त आदेश दिए हैं कि हर हाल में कब्जों को हटाया जाए।