बिलासपुर। जिला में कोरोना के 12 नए मामले सामने आए हैं। 7 मरीज ठीक हुए हैं। वहीं एक 67 वर्षीय महिला की नेरचौक मेडिकल कॉलेज में मौत हो गयी है। वहीं जिला में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 1160 पहुंच गया है। 151 एक्टिव केस हैं। सीएमओ डॉक्टर प्रकाश दड़ोच ने बताया कि मसौर से 35 वर्षीय महिला, मसौर से 31 वर्षीय युवक, कोट से 55 वर्षीय व्यक्ति, कोट से 48 वर्षीय व्यक्ति, मेन मार्किट लोअर बिलासपुर से 25 वर्षीय युवक, रौड़ा से सेक्टर से 20 वर्षीय युवती, रौड़ा सेक्टर से 44 वर्षीय महिला, धरार सानी से 28 वर्षीय युवती, लखनपुर से 16 साल का युवक, लखनपुर से ही 55 वर्षीय व्यक्ति ,लखनपुर से ही 65 वर्षीय व्यक्ति और 45 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर की एक 67 वर्षीय महिला की कोरोना के कारण मेडिकल कॉलेज नरचौक में मौत हो गयी है। इसे 18 अक्तूबर को नेरचौक मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। महिला कोरोना के शिवा कई और गंभीर बीमारियों से पीड़ित थी। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले जिला बिलासपुर में लगातार बढ़ते जा रहे है। जिनमें कई लोगों में कोरोना के बिल्कुल भी लक्षण नहीं हैं या बेहद हल्के लक्षण है। बताया कि उन्हें अस्पताल की जगह होम आइसोलेसन में रखा जा रहा है। कोरोना के लक्षण दिखने के 17 दिनो बाद तक होम आइसोलेसन में रहना होगा या फिर 10 दिनों तक बुखार न आने पर होम आइसोलेसन खत्म किया जा सकता है। अंत में दोबारा टेस्टिंग की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि रोगी हर समय तीन तह वाला मास्क पहनना जरूरी है। मास्क को 8 घंटे उपयोग में लाने के बाद एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट में विसंक्रमित करना जरूरी है। रोगी को अलग कमरे में घर के दूसरे लोगों से दूर रहना होगा व अलग शौचालय का प्रयोग करना होगा। रोगी को तरल पदार्थ ज्यादा मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है। रोगी को डॉक्टर के दिशानिर्देश मानने होंगे। अपना बुखार खुद जांचना होगा। यदि स्थिति खराब होती है तो विभाग को रिपोर्ट करनी होगी।