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बाहर फंसे हिमाचल के लोगों को वापस लाए सरकार : रामलाल
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बिलासपुर। कांग्रेस के नेता और श्री नयना देवी के विधायक रामलाल ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। प्रदेश सरकार ने भी एहतियात के तौर पर पूरे प्रदेश में कर्फ्यू लगा रखा है। जिसके चलते पूरे प्रदेश में सरकारी और निजी सभी शिक्षण संस्थान बंद किए गए है। मेरा मानना है कि प्रदेश सरकार को प्रदेश के निजी स्कूलों को निर्देश देना चाहिए कि छात्रों से ली जाने वाली फीस माफ की जाए।
सरकार यह सुनिश्चित करे कि कोई भी निजी स्कूल छात्रों से फीस न ले। दिल्ली इत्यादि राज्यों में भी सरकारों ने इस तरह का निर्णय लिया है। प्रदेश के अंतर्गत जितने भी निजी शिक्षण संस्थान हैं, उन पर सरकार का प्रशासनिक नियंत्रण होता है। इसलिए प्रदेश के शिक्षा मंत्री का यह बयान सही नहीं है कि निजी शिक्षण संस्थान अपने स्तर पर फीस माफी का निर्णय लें।
दूसरी ओर प्रदेश में अभी तक सरकार बीपीएल, आईआरडीपी, पीडीएस एवं राजीव गांधी अन्न योजना के तहत पंजीकृत परिवारों को 5.5 किलो चावल दे रही है। सरकार को इन परिवारों को दालें व अन्य सामग्री भी मुहैया करवानी चाहिए। इसके साथ ही अन्य एपीएल परिवारों को भी राशन की व्यवस्था सरकार करे। सरकार ने राज्यस्थान के कोटा में फंसे छात्रों को घर वापस लाने की व्यवस्था की है। जिसका वह स्वागत करते हैं। इसके साथ ही सरकार को अन्य राज्यों में फंसे छात्रों तथा नौकरीपेशा वाले हिमाचली लोगों को भी घर वापस लाने की व्यवस्था करनी चाहिए। वेस्ट बंगाल के हुगली जिले में एक कुरियर कंपनी में लेबर का काम करने वाले लगभग 77 मजदूर फंसे हुए हैं। जिनमें से अधिकतर हिमाचली हैं।
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सरकार यह सुनिश्चित करे कि कोई भी निजी स्कूल छात्रों से फीस न ले। दिल्ली इत्यादि राज्यों में भी सरकारों ने इस तरह का निर्णय लिया है। प्रदेश के अंतर्गत जितने भी निजी शिक्षण संस्थान हैं, उन पर सरकार का प्रशासनिक नियंत्रण होता है। इसलिए प्रदेश के शिक्षा मंत्री का यह बयान सही नहीं है कि निजी शिक्षण संस्थान अपने स्तर पर फीस माफी का निर्णय लें।
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दूसरी ओर प्रदेश में अभी तक सरकार बीपीएल, आईआरडीपी, पीडीएस एवं राजीव गांधी अन्न योजना के तहत पंजीकृत परिवारों को 5.5 किलो चावल दे रही है। सरकार को इन परिवारों को दालें व अन्य सामग्री भी मुहैया करवानी चाहिए। इसके साथ ही अन्य एपीएल परिवारों को भी राशन की व्यवस्था सरकार करे। सरकार ने राज्यस्थान के कोटा में फंसे छात्रों को घर वापस लाने की व्यवस्था की है। जिसका वह स्वागत करते हैं। इसके साथ ही सरकार को अन्य राज्यों में फंसे छात्रों तथा नौकरीपेशा वाले हिमाचली लोगों को भी घर वापस लाने की व्यवस्था करनी चाहिए। वेस्ट बंगाल के हुगली जिले में एक कुरियर कंपनी में लेबर का काम करने वाले लगभग 77 मजदूर फंसे हुए हैं। जिनमें से अधिकतर हिमाचली हैं।
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