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छात्रों की सुरक्षा के लिए नियम 73 ए की अनुपालना आवश्यक : आरटीओ
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- सभी शैक्षणिक संस्थान परिवहन के लिए प्रयुक्त वाहनों की सूची करवाए उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बिलासपुर राकेश कुमार कौशल ने बताया कि जिले में स्थित शैक्षणिक संस्थान छात्रों को लाने और ले जाने के लिए प्रयुक्त वाहन के लिए हिमाचल प्रदेश मोटर नियम 1999 के तहत नियम 73 ए की अनुपालना सुनिश्चित करें ताकि छात्रों के जीवन रक्षा और सुरक्षा नियमों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिनियम को परिवहन विभाग की साइट से डाउनलोड किया जा सकता है। सभी शिक्षण संस्थान जिन्होंने स्वयं बसें प्रचालित की हों। इसके अलावा स्कूलों के पट्टा आधार पर ली गई प्राइवेट संविदा वाहन या हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें, मोटर कैब, मैक्सी कैब प्रयोग में लाई जा रही है या फिर स्कूल प्रबंधन की ओर से किसी भी बस का प्रावधान करने के लिए 73 ए के अंतर्गत दी गई शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा। कोई भी संस्थान नियमों का उल्लंघन न करें। वाहन अथवा बस चालक के पास वाहन से संबंधित सभी प्रकार के दुरुस्ती, बीमा, परमिट और लाइसेंस आदि दस्तावेज होने आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं की ओर इस संबंध में यदि ढील बरती जाती है तो उसे गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ 73 ए के तहत नियमों के अनुरूप कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसमें वाहन जब्ती भी किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी निजी और सरकारी स्कूल जो इस प्रावधान के अंतर्गत स्कूल बसों व अन्य परिवहन सुविधा का संचालन कर रहे हैं, वे अपने शैक्षणिक संस्थान में प्रयोग की जाने वाली वाहनों की सूची को प्रदेश सरकार की ओर से जारी स्कूल सुरक्षा दिशा-निर्देशों का प्रमाणित घोषणा पत्र अथवा अंडरटेकिंग के साथ 15 दिन के भीतर इस कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बिलासपुर राकेश कुमार कौशल ने बताया कि जिले में स्थित शैक्षणिक संस्थान छात्रों को लाने और ले जाने के लिए प्रयुक्त वाहन के लिए हिमाचल प्रदेश मोटर नियम 1999 के तहत नियम 73 ए की अनुपालना सुनिश्चित करें ताकि छात्रों के जीवन रक्षा और सुरक्षा नियमों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिनियम को परिवहन विभाग की साइट से डाउनलोड किया जा सकता है। सभी शिक्षण संस्थान जिन्होंने स्वयं बसें प्रचालित की हों। इसके अलावा स्कूलों के पट्टा आधार पर ली गई प्राइवेट संविदा वाहन या हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें, मोटर कैब, मैक्सी कैब प्रयोग में लाई जा रही है या फिर स्कूल प्रबंधन की ओर से किसी भी बस का प्रावधान करने के लिए 73 ए के अंतर्गत दी गई शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा। कोई भी संस्थान नियमों का उल्लंघन न करें। वाहन अथवा बस चालक के पास वाहन से संबंधित सभी प्रकार के दुरुस्ती, बीमा, परमिट और लाइसेंस आदि दस्तावेज होने आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं की ओर इस संबंध में यदि ढील बरती जाती है तो उसे गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ 73 ए के तहत नियमों के अनुरूप कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसमें वाहन जब्ती भी किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी निजी और सरकारी स्कूल जो इस प्रावधान के अंतर्गत स्कूल बसों व अन्य परिवहन सुविधा का संचालन कर रहे हैं, वे अपने शैक्षणिक संस्थान में प्रयोग की जाने वाली वाहनों की सूची को प्रदेश सरकार की ओर से जारी स्कूल सुरक्षा दिशा-निर्देशों का प्रमाणित घोषणा पत्र अथवा अंडरटेकिंग के साथ 15 दिन के भीतर इस कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करें।