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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   complete ban on fishing in reservoirs of Himachal from 16 June to 15 August

Ban On Fishing In Himachal: जलाशयों में इस दिन से मछली पकड़ने पर प्रतिबंध, उल्लंघन किया तो 6 माह की सजा

Fri, 14 Jun 2024 07:26 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 14 Jun 2024 07:26 PM IST
सार

हिमाचल के जलाशयों में 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान सामान्य जल स्रोतों में किसी भी प्रकार के मत्स्य आखेट और पूरे प्रदेश में सामान्य जल की मत्स्य प्रजातियों की मत्स्य बिक्री, आयात पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। 

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complete ban on fishing in reservoirs of Himachal from 16 June to 15 August
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के जलाशयों में 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि के दौरान यदि कोई मछली पकड़ता पाया जाता है तो नियमों के अनुसार छह माह तक की कैद और 300 रुपये से एक हजार रुपये तक जुर्माना राशि अथवा दोनों का प्रावधान है। निदेशक एवं प्रारक्षी मत्स्य हिमाचल प्रदेश विवेक चंदेल ने कहा कि प्रदेश मत्स्य पालन विभाग का दायित्व है कि सभी मछुआरा परिवारों को निरंतर रूप से आजीविका के लिए मछली मिलती रहे। इसीलिए हर साल विभाग सामान्य जल व जलाशयों में दो माह के लिए मछली पकड़ने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रूप से प्रजनन करने वाली मछलियों की विभिन्न प्रजातियां सफलतापूर्वक प्रजनन कर सकें और प्राकृतिक रूप से विभिन्न जल क्षेत्रों में मछलियों की उपयुक्त संख्या बनी रहे, इसके लिए यह प्रतिबंध जरूरी है।

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इस दौरान सीजन का कार्यान्वयन प्रदेश मात्स्यिकी अधिनियम 1976 व मात्स्यिकी नियम 2020 के तहत किया जाता है। इस दौरान सामान्य जल स्रोतों में किसी भी प्रकार के मत्स्य आखेट और पूरे प्रदेश में सामान्य जल की मत्स्य प्रजातियों की मत्स्य बिक्री, आयात पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। विभाग ने इस बंद सीजन को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। प्रदेश के मुख्य जलाशयों के विभिन्न मंडलों में अवैध शिकार को रोकने के लिए विभिन्न निरीक्षण टीमों का गठन किया है। उड़नदस्ते सड़क मार्ग से निरंतर गश्त करेंगे। इससे किसी भी प्रकार के अवैध मत्स्य आखेट पर रोक लगाई जा सके। प्रदेश के पांच जलाशयों गोबिंद सागर, पौंग डैम, चमेरा, कोलडैम और रणजीत सागर में पांच हजार से अधिक मछुआरे नियमित रूप से मछली पकड़ने का कार्य कर रहे हैं। इन जलाशयों का कुल क्षेत्रफल 43,785 हेक्टेयर है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में विभिन्न मुख्य नदियों व उनकी सहायक नदियों में छह हजार से अधिक मछुआरे मछली पकड़ने का कार्य करते हैं।
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