संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के बाबा विश्वकर्मा मंदिर में राम कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हुआ। लक्ष्मी नारायण मंदिर से निकली कलश यात्रा में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया। कथा स्थल पर कलश स्थापना के बाद कथा शुरू हुई।
प्रथम दिन आचार्य नीरज शर्मा ने जीव की प्रवृत्ति और राम नाम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य सांसारिक कार्यों में इतना व्यस्त रहता है कि भगवान का नाम लेने के लिए भी समय नहीं निकाल पाता। सुख-दुख की हर परिस्थिति में प्रभु का सुमिरन करते रहना चाहिए। भगवान का नाम मनुष्य को सही दिशा देने के साथ विपरीत परिस्थितियों में धैर्य प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जन्म से पहले भगवान से भक्ति का संकल्प करता है, लेकिन संसार में आने के बाद मोह-माया में उलझकर उसे भूल जाता है। इसलिए धर्म, भक्ति और अच्छे कर्मों को जीवन में अपनाना जरूरी है। केवल कथा सुनना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसके संदेश को जीवन में उतारना चाहिए। राम कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा के बाद मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं को हलवे का प्रसाद वितरित किया गया।