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जलवायु परिवर्तन मानवता के समक्ष सबसे बड़ा खतरा : विजय
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-भोली स्कूल में बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य खंड मार्कंड की ओर से राजकीय उच्च पाठशाला भोली में विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी ने बच्चों को इस दिवस के महत्व के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य दिवस 1950 से मनाना प्रारंभ हुआ। डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि दुनिया भर में हर साल 13 मिलियन से अधिक मौतें पर्यावरणीय कारणों से होती हैं। इसमें जलवायु संकट शामिल है जो मानवता के सामने सबसे बड़ा स्वास्थ्य खतरा है। 2024 विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम माय हेल्थ माय राइट है। उन्होंने पर्यावरण स्वच्छता, पानी की स्वच्छता, प्राकृतिक स्रोतों का दोहन, सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभाव, नशे का दुष्प्रभाव, योग का महत्व, वन संपदा का संरक्षण व दोहन पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही जैविक खेती, पीने के पानी के संग्रहण के लिए मिट्टी के घड़े व हैंड हाइजीन के बारे में भी बताया। उन्होंने भारत को टीबी मुक्त करने के लिए भी लोगों को जागरूक किया। इसके अलावा पोषण और जंक फूड प्रोसेसड फूड के बारे में भी जानकारी दी। कहा कि एक स्वस्थ जीवन शैली में रहकर ही जीवन को जीना एक हमारा अधिकार है, ताकि हम मानव होने के नाते अपनी अधिक से अधिक क्षमता को परिवार के लिए, समाज और राष्ट्र के लिए अर्पित कर सके। यही जीवन की सार्थकता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निशा देवी, आशा वर्कर अंजू देवी, सीमा कुमारी, लाजवंती और रामदेई सहित 45 लोग मौजूद।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य खंड मार्कंड की ओर से राजकीय उच्च पाठशाला भोली में विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी ने बच्चों को इस दिवस के महत्व के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य दिवस 1950 से मनाना प्रारंभ हुआ। डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि दुनिया भर में हर साल 13 मिलियन से अधिक मौतें पर्यावरणीय कारणों से होती हैं। इसमें जलवायु संकट शामिल है जो मानवता के सामने सबसे बड़ा स्वास्थ्य खतरा है। 2024 विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम माय हेल्थ माय राइट है। उन्होंने पर्यावरण स्वच्छता, पानी की स्वच्छता, प्राकृतिक स्रोतों का दोहन, सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभाव, नशे का दुष्प्रभाव, योग का महत्व, वन संपदा का संरक्षण व दोहन पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही जैविक खेती, पीने के पानी के संग्रहण के लिए मिट्टी के घड़े व हैंड हाइजीन के बारे में भी बताया। उन्होंने भारत को टीबी मुक्त करने के लिए भी लोगों को जागरूक किया। इसके अलावा पोषण और जंक फूड प्रोसेसड फूड के बारे में भी जानकारी दी। कहा कि एक स्वस्थ जीवन शैली में रहकर ही जीवन को जीना एक हमारा अधिकार है, ताकि हम मानव होने के नाते अपनी अधिक से अधिक क्षमता को परिवार के लिए, समाज और राष्ट्र के लिए अर्पित कर सके। यही जीवन की सार्थकता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निशा देवी, आशा वर्कर अंजू देवी, सीमा कुमारी, लाजवंती और रामदेई सहित 45 लोग मौजूद।
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