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गोविंद सागर झील में धुंध में दिखाई नहीं देते अधूरे पिलर, बोट में सफर खतरनाक
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झंडूता (बिलासपुर)। गोविंद सागर झील में किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माणाधीन पुल के दो पिलर हादसे को न्योता दे रहे हैं। बोट में सफर करते समय सर्दियों में धुंध के चलते अधूरे पिलर दिखाई नहीं देते हैं। जिले में फोरलेन का निर्माण कार्य कुछ वर्ष पहले शुरू हुआ था जो अब बंद पड़ा है।
श्री नयनादेवी विस क्षेत्र के गांव पट्टा को सदर विस क्षेत्र बिलासपुर के गांव मंडी भराड़ी से जोड़ने के लिए पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। वहीं से एक और पुल जो सदर विस क्षेत्र के गांव मंडी भराड़ी से झंडूता विधानसभा क्षेत्र के गांव धराड़सानी ऋषिकेश को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। इनका काम अब बंद पड़ा है। मंडी भराड़ी व धराड़सानी को जोड़ने के लिए जिस पुल का निर्माण किया जा रहा था, उसके दो पिलर गोविंद सागर झील में बनाए जा रहे थे। इन पिलरों का निर्माण अधूरा है। झील में सरिये व एंगल धुंध के चलते दिखाई नहीं देते हैं। नजदीक जाने पर ही नजर आते हैं। जिले के अधिकतर लोग गोविंद सागर झील में बोट से सफर करते हैं। सर्दियों में धुंध के कारण पिलरों के सरिये दूर से नजर नहीं आते हैं। इससे बोट के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का बोट के माध्यम से जिला मुख्यालय में आना-जाना लगा रहता है। यहां से लोग धराड़सानी, जकातखाना, ज्योरिपतन, नारल, बुहाड़, सूह, बबखाल से लेकर भाखड़ा तक बोट से ही बिलासपुर आते-जाते हैं। इन सरियों व एंगलों के कारण कभी भी हादसा हो सकता है। क्षेत्र के लोगों रमेश चंद, श्याम लाल, सोहन लाल, विनोद कुमार, राजकुमार, रामकुमार, रवि कुमार, प्रेम लाल, सुरेश कुमार, परमानंद, बलबीर सहित अन्यों ने प्रशासन से मांग की है कि मौका करवाकर इस क्षेत्र को ही आवाजाही के लिए बंद करवा दिया जाए। झंडूता विस क्षेत्र के विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए उपायुक्त को उचित कदम उठाने के लिए कहा जाएगा, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।
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श्री नयनादेवी विस क्षेत्र के गांव पट्टा को सदर विस क्षेत्र बिलासपुर के गांव मंडी भराड़ी से जोड़ने के लिए पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। वहीं से एक और पुल जो सदर विस क्षेत्र के गांव मंडी भराड़ी से झंडूता विधानसभा क्षेत्र के गांव धराड़सानी ऋषिकेश को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। इनका काम अब बंद पड़ा है। मंडी भराड़ी व धराड़सानी को जोड़ने के लिए जिस पुल का निर्माण किया जा रहा था, उसके दो पिलर गोविंद सागर झील में बनाए जा रहे थे। इन पिलरों का निर्माण अधूरा है। झील में सरिये व एंगल धुंध के चलते दिखाई नहीं देते हैं। नजदीक जाने पर ही नजर आते हैं। जिले के अधिकतर लोग गोविंद सागर झील में बोट से सफर करते हैं। सर्दियों में धुंध के कारण पिलरों के सरिये दूर से नजर नहीं आते हैं। इससे बोट के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का बोट के माध्यम से जिला मुख्यालय में आना-जाना लगा रहता है। यहां से लोग धराड़सानी, जकातखाना, ज्योरिपतन, नारल, बुहाड़, सूह, बबखाल से लेकर भाखड़ा तक बोट से ही बिलासपुर आते-जाते हैं। इन सरियों व एंगलों के कारण कभी भी हादसा हो सकता है। क्षेत्र के लोगों रमेश चंद, श्याम लाल, सोहन लाल, विनोद कुमार, राजकुमार, रामकुमार, रवि कुमार, प्रेम लाल, सुरेश कुमार, परमानंद, बलबीर सहित अन्यों ने प्रशासन से मांग की है कि मौका करवाकर इस क्षेत्र को ही आवाजाही के लिए बंद करवा दिया जाए। झंडूता विस क्षेत्र के विधायक जेआर कटवाल ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए उपायुक्त को उचित कदम उठाने के लिए कहा जाएगा, ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।
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