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2011 में भरे थे आवेदन, आज दिन तक नहीं मिले प्लॉट
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बिलासपुर। हिमुडा बिलासपुर की आवासीय कॉलोनी में प्लॉट के लिए आवेदन करने वालों ने बैठक की। कहा कि 2011 में हाउसिंग बोर्ड की आवासीय कॉलोनी के तहत प्लॉट के लिए आवेदन किया था। हजारों लोगों ने 5000 रुपये की राशि देकर आवेदन भरे थे। लेकिन 10 साल बाद भी प्रशासन ने न तो प्लॉट आवंटित किए और न ही राशि के बारे में कोई जानकारी दी है।
सुमन शर्मा ने बताया कि हिमुडा के शिमला कार्यालय में साल 2011 में हाउसिंग बोर्ड की आवासीय कॉलोनी में 5000 की राशि के साथ प्रदेश की अलग-अलग जगहों में प्लॉट के लिए आवेदन करने के लिए कहा गया था। हजारों लोगों ने आवेदन किए थे। लेकिन 10 साल के बाद भी न तो प्लॉट आवंटित किए गए और न ही इस राशि के बारे में विभाग ने अवगत करवाया है। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें शीघ्र प्लॉट उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि उनका अपनी छत का सपना पूरा हो सके। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बिलासपुर में वर्ष 1999-2000 में प्लॉट विभाग ने बेचे थे और कुछ लोगों ने आज दिन तक इन पर मकान नहीं बनाया है। वर्तमान में इन प्लॉटों के भाव 20 गुना बढ़ गए हैं और इनको बेचने की फिराक में हैं। सदस्यों ने कहा कि हिमुडा केवल जरूरतमंद लोगों को ही प्लॉट उपलब्ध करवाए और ऐसे धंधा करने वालों पर कड़ी शर्तों के साथ अंकुश लगाना सुनिश्चित करे।
हिमुडा आवासीय कॉलोनी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री से अभी तक खाली पड़े प्लॉटों को रद्द करने और जरूरतमंदों को अलॉट करने की मांग की है। कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें बाध्य होकर उच्च न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा। बैठक में करतार, विजय राम, अमी चंद, सुषमा, कांता, अशोक, संजय, मदन आदि मौजूद रहे।
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सुमन शर्मा ने बताया कि हिमुडा के शिमला कार्यालय में साल 2011 में हाउसिंग बोर्ड की आवासीय कॉलोनी में 5000 की राशि के साथ प्रदेश की अलग-अलग जगहों में प्लॉट के लिए आवेदन करने के लिए कहा गया था। हजारों लोगों ने आवेदन किए थे। लेकिन 10 साल के बाद भी न तो प्लॉट आवंटित किए गए और न ही इस राशि के बारे में विभाग ने अवगत करवाया है। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें शीघ्र प्लॉट उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि उनका अपनी छत का सपना पूरा हो सके। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बिलासपुर में वर्ष 1999-2000 में प्लॉट विभाग ने बेचे थे और कुछ लोगों ने आज दिन तक इन पर मकान नहीं बनाया है। वर्तमान में इन प्लॉटों के भाव 20 गुना बढ़ गए हैं और इनको बेचने की फिराक में हैं। सदस्यों ने कहा कि हिमुडा केवल जरूरतमंद लोगों को ही प्लॉट उपलब्ध करवाए और ऐसे धंधा करने वालों पर कड़ी शर्तों के साथ अंकुश लगाना सुनिश्चित करे।
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हिमुडा आवासीय कॉलोनी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री से अभी तक खाली पड़े प्लॉटों को रद्द करने और जरूरतमंदों को अलॉट करने की मांग की है। कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें बाध्य होकर उच्च न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा। बैठक में करतार, विजय राम, अमी चंद, सुषमा, कांता, अशोक, संजय, मदन आदि मौजूद रहे।
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