{"_id":"5f94627d8ebc3e9b813496a9","slug":"civic-amenities-bilaspur-news-sml3494345130","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेतन-भत्तों का अभी तक नहीं हुआ भुगतान : अमरनाथ खुराना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेतन-भत्तों का अभी तक नहीं हुआ भुगतान : अमरनाथ खुराना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी परिसंघ के राज्य अध्यक्ष अमरनाथ खुराना ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर दुर्व्यवस्था से गुजर रहे हैं। कहा कि 2016 से देय वेतन-भत्तों का अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। कम ब्याज पर विभागीय हाउस निर्माण ऋण जैसी सुविधाएं भी बंद कर दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि इस समय प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर देश भर में सबसे अधिक दुर्व्यवस्था से गुजर रहे हैं। उन्हें आर्थिक लाभों से वंचित रखा जा रहा है। वहीं पूर्व में दिए जाने वाले अधिकांश लाभों को समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2016 से तय वेतन-भत्तों का अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। जबकि एलटीसी, फेस्टिवल अलाउंस, कम ब्याज पर विभागीय हाउस निर्माण ऋण जैसी सुविधाएं समाप्त कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को वेतन-भत्ते देने के बाद अब बोनस देने की घोषणा कर दी है। जबकि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की कठिनाइयों, समस्याओं और मांगों पर पूरी तरह से तमाशबीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों को पूर्व सरकारों ने नौकरी से निलंबित, बर्खास्त व दुर्गम क्षेत्रों में राजनीतिक आधार पर स्थानांतरित किया था, उन्हें न्याय देने में वर्तमान सरकार भी असफल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि कर्मचारियों व पेंशनरों के सभी आर्थिक लाभों को तुरंत अदा करने के आदेश जारी किए जाएं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस समय प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर देश भर में सबसे अधिक दुर्व्यवस्था से गुजर रहे हैं। उन्हें आर्थिक लाभों से वंचित रखा जा रहा है। वहीं पूर्व में दिए जाने वाले अधिकांश लाभों को समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2016 से तय वेतन-भत्तों का अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। जबकि एलटीसी, फेस्टिवल अलाउंस, कम ब्याज पर विभागीय हाउस निर्माण ऋण जैसी सुविधाएं समाप्त कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को वेतन-भत्ते देने के बाद अब बोनस देने की घोषणा कर दी है। जबकि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की कठिनाइयों, समस्याओं और मांगों पर पूरी तरह से तमाशबीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों को पूर्व सरकारों ने नौकरी से निलंबित, बर्खास्त व दुर्गम क्षेत्रों में राजनीतिक आधार पर स्थानांतरित किया था, उन्हें न्याय देने में वर्तमान सरकार भी असफल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि कर्मचारियों व पेंशनरों के सभी आर्थिक लाभों को तुरंत अदा करने के आदेश जारी किए जाएं।
विज्ञापन