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Bilaspur News: खाना पीणा नंद लैणी ओ गंभरिए पर झूमे बच्चे

Mon, 01 Dec 2025 11:29 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Dec 2025 11:29 PM IST
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Children understood Buddhism and the process of hydroelectric power generation.
सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल सुन्हाणी में वार्षिक समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते ह
सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल सुन्हाणी में मनाया वार्षिक समारोह
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शैक्षणिक, खेल सहित अन्य गतिविधियों में अव्वल रहने वाले मेधावी सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं( बिलासपुर)। सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल सुन्हाणी में 26वां वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह मनाया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी और इंटेलिजेंस ब्यूरो से सेवानिवृत रमेश कौंडल ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
समारोह की अध्यक्षता पूर्व सैनिक कल्याण समिति के प्रदेश संयोजक कैप्टन संजय कुमार ने की। इस अवसर पर छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मन मोह लिया। बच्चों ने ‘कुनी लाई ओ मेरे लोंगा’, ‘हाय ओ दुरा मेरे पैरे छल्ला पै गया’, ‘बोतल रह गई ठेके कोई नशा कराइदे’, ‘खाना पीणा नंद लैणी ओ गंभरिए’, ‘सांवरिया बीन बजा मैं डस लइ नागे ने’, ‘इस ग्राये दिया लम्बड़ा ओ इन्ना छोरूआ जो लेयां समझाई’ आदि गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए।
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समारोह में शैक्षणिक, खेल और अन्य गतिविधियों में अव्वल रहने वाले वंश कौंडल, प्रदूम्न शर्मा, दिव्यांश राणा, अली, कनिका, वंशिका, यशवी, कनक, सक्षम आदि मेधावियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य जोगेंद्र महाजन ने स्कूल की वार्षिक गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि स्कूल में बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ वैदिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
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मुख्यातिथि रमेश कौंडल ने कहा कि सरस्वती विद्या मंदिर स्कूलों में दी जा रही संस्कार युक्त शिक्षा वर्तमान समय में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के बावजूद बच्चों में संस्कारों का होना जरूरी है, क्योंकि यह उनके पूरे जीवन में काम आएगा। उन्होंने पाठशाला प्रबंधन समिति को बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए 11 हजार रुपये की राशि प्रदान की।
मुख्य वक्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने कहा कि स्कूल में शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के चरित्र निर्माण पर भी जोर दिया जाता है, जो उनके भविष्य में सहायक होता है। कैप्टन संजय कुमार ने कहा कि आज नैतिक मूल्यों की कमी के कारण बच्चों का मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। स्कूल में नैतिक मूल्यों पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे राष्ट्र का समग्र विकास संभव हो सके।

इस अवसर पर हिमाचल शिक्षा समिति के राजेंद्र कुमार, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भगत राम संतोषी, कैप्टन विद्यासागर शर्मा, सतपाल शर्मा, कुलदीप शर्मा, किशोरी लाल, नीरज धीमान, अशोक शर्मा, सीमा देवी, व्याशा शर्मा, शीला देवी, गोपाल धीमान, कंचन बाला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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