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भाजपा नेता रखें धैर्य, बिजली बोर्ड कर्मियों को मिलेगा वेतन : सांख्यान
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- बोले, भाजपा नेता अपने काम पर दें ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाजपा के नेताओं को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए, बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को वेतन अवश्य मिलेगा। पूर्व भाजपा सरकार प्रदेश पर 35 हजार करोड़ का कर्जा छोड़ कर गई है। प्रदेश पर अभी तक 92 हजार करोड़ की देनदारियां हैं। यह बात कांग्रेस हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ प्रवक्ता संदीप सांख्यान ने कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा में 10 हजार करोड़ की अवांछनीय क्षति झेली है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार पर केंद्र की भाजपा सरकार ने वित्तीय प्रतिबंध लगा दिए हैं। भाजपा नेता केंद्र सरकार से मदद मांगने की बजाय प्रदेश सरकार की टांग खिंचने में लगे हैं। प्रदेश की जनता जानती है कि सर्दियों में पानी कम होने से बिजली का उत्पादन गिरता है, ऐसे में प्रदेश को बिजली बाहरी राज्यों से ऊंची दरों पर खरीदनी पड़ती है। इससे बिजली बोर्ड का राजस्व कम होता है। बिजली बोर्ड की आय 550 करोड़ है। वह पैसा सर्दियों में बिजली खरीद पर लग जाता है, तो वेतन भुगतान में चंद दिनों की देरी हो गई है, लेकिन भाजपा के नेता इस मसले को भुनाना चाहते हैं क्योंकि लोकसभा के चुनावों में प्रदेश की कांग्रेस सरकार को बदनाम किया जा सके। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में हमेशा ही फर्क रहा है और उनको प्रदेश सरकार की आलोचना करने के बजाए अपने काम पर ध्यान देना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भाजपा के नेताओं को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए, बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को वेतन अवश्य मिलेगा। पूर्व भाजपा सरकार प्रदेश पर 35 हजार करोड़ का कर्जा छोड़ कर गई है। प्रदेश पर अभी तक 92 हजार करोड़ की देनदारियां हैं। यह बात कांग्रेस हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के वरिष्ठ प्रवक्ता संदीप सांख्यान ने कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा में 10 हजार करोड़ की अवांछनीय क्षति झेली है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार पर केंद्र की भाजपा सरकार ने वित्तीय प्रतिबंध लगा दिए हैं। भाजपा नेता केंद्र सरकार से मदद मांगने की बजाय प्रदेश सरकार की टांग खिंचने में लगे हैं। प्रदेश की जनता जानती है कि सर्दियों में पानी कम होने से बिजली का उत्पादन गिरता है, ऐसे में प्रदेश को बिजली बाहरी राज्यों से ऊंची दरों पर खरीदनी पड़ती है। इससे बिजली बोर्ड का राजस्व कम होता है। बिजली बोर्ड की आय 550 करोड़ है। वह पैसा सर्दियों में बिजली खरीद पर लग जाता है, तो वेतन भुगतान में चंद दिनों की देरी हो गई है, लेकिन भाजपा के नेता इस मसले को भुनाना चाहते हैं क्योंकि लोकसभा के चुनावों में प्रदेश की कांग्रेस सरकार को बदनाम किया जा सके। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में हमेशा ही फर्क रहा है और उनको प्रदेश सरकार की आलोचना करने के बजाए अपने काम पर ध्यान देना चाहिए।
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