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छत्तीसगढ़ नसबंदी कांड में बड़ा फैसला: 12 साल बाद डॉक्टर दोषी करार, 18 मौतों में गैर इरादतन हत्या सिद्ध
Tue, 17 Mar 2026 08:45 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Tue, 17 Mar 2026 08:45 PM IST
सार
बिलासपुर के बहुचर्चित नसबंदी कांड में 12 साल बाद अदालत ने फैसला सुनाते हुए डॉक्टर आर के गुप्ता को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया है। 2014 में हुए इस मामले में लापरवाही से 18 लोगों की मौत हुई थी, जबकि पांच आरोपी बरी कर दिए गए।
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कोर्ट का फैसला
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विस्तार
बिलासपुर। बहुचर्चित नसबंदी कांड मामले में 12 साल बाद बड़ा फैसला आया है। न्यायालय प्रथम सत्र न्यायाधीश शैलेश केतारप की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। डॉक्टर आर के गुप्ता को नसबंदी कांड का दोषी पाया गया है। उन पर गैर इरादतन हत्या का आरोप सिद्ध हुआ है।
बाकी पांच आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। यह घटना 2014 में सकरी नेमिचन्द्र जैन अस्पताल में लगे शिविर में हुई थी। उस शिविर में 85 महिलाओं और पुरुषों की नसबंदी की गई थी। ऑपरेशन में लापरवाही के कारण 13 महिलाओं और पांच पुरुषों सहित कुल 18 लोगों की मौत हो गई थी। इस कांड ने पूरे देशभर में हंगामा मचा दिया था।
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बाकी पांच आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। यह घटना 2014 में सकरी नेमिचन्द्र जैन अस्पताल में लगे शिविर में हुई थी। उस शिविर में 85 महिलाओं और पुरुषों की नसबंदी की गई थी। ऑपरेशन में लापरवाही के कारण 13 महिलाओं और पांच पुरुषों सहित कुल 18 लोगों की मौत हो गई थी। इस कांड ने पूरे देशभर में हंगामा मचा दिया था।
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