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Bilaspur News: राम को चौदह वर्ष के वनवास से अत्यंत दुखी हुए भरत
सार
बिलासपुर के डियारा सेक्टर में आयोजित रामलीला मंचन में भावपूर्ण संवाद और दमदार अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। भरत-कैकई संवाद, राम-केवट भेंट और रावण कक्ष के दृश्यों ने विशेष प्रभाव छोड़ा। मुख्य अतिथि ने समिति को 11 हजार रुपये दान दिए।
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डियारा में चल रही रामलीला का दृश्य। संवाद
विस्तार
रामलीला के मंचन में इससे पहले दिखाया भरत-कैकई संवाद
-दूसरे दृश्य में प्रभु राम की केवट से भेंट का किया गया मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। डियारा सेक्टर में रामलीला के मंचन का आरंभ भरत- कैकई संवाद से हुआ। नाटक में भरत अपनी मां कैकई की ओर से प्रभु राम को दिए गए चौदह वर्ष के वनवास से अत्यंत दुखी दिखाई दिए और अपनी मां पर क्रोध किया। कैकई ने भरत को समझाया कि यह वनवास श्री राम को राजा बनाने की योजना का हिस्सा है, लेकिन भरत ने दृढ़ता से कहा कि वह प्रभु राम के साथ अन्याय कभी नहीं होने देगा।
भरत के किरदार में पारस गौतम ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। दूसरे दृश्य में प्रभु राम की केवट से भेंट का मंचन किया गया। इस दृश्य में राम नदी पार करने के लिए केवट से आग्रह करते हैं। केवट के रूप में अभिषेक डोगरा ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। तीसरे दृश्य में श्री राम और भरत का भावपूर्ण मिलाप दर्शकों के सामने आया। चित्रकूट में भरत, राम से अयोध्या लौटने का आग्रह करते हैं, परंतु राम मां को दिए वचन निभाने की बात कहकर अयोध्या के शासन का दायित्व भरत को सौंप देते हैं। इस मार्मिक मिलाप के दृश्य ने दर्शकों की आंखें भी नम कर दीं। संध्या के अंतिम दृश्य में रावण का कक्ष प्रस्तुत किया गया। शूर्पणखा अपनी कटी हुई नाक लेकर आती है और राम को इसके लिए दोषी ठहराती है। क्रोधित रावण अपनी बहन की अपमान का बदला लेने के लिए सीता हरण की योजना बनाता है। इस अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी सोनू ठाकुर मुख्य अतिथि रहे, जबकि बंदला पंचायत के प्रधान सतीश ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मुख्य अतिथि सोनू ठाकुर ने 11 हजार रुपये की धनराशि समिति को दान की।
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-दूसरे दृश्य में प्रभु राम की केवट से भेंट का किया गया मंचन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। डियारा सेक्टर में रामलीला के मंचन का आरंभ भरत- कैकई संवाद से हुआ। नाटक में भरत अपनी मां कैकई की ओर से प्रभु राम को दिए गए चौदह वर्ष के वनवास से अत्यंत दुखी दिखाई दिए और अपनी मां पर क्रोध किया। कैकई ने भरत को समझाया कि यह वनवास श्री राम को राजा बनाने की योजना का हिस्सा है, लेकिन भरत ने दृढ़ता से कहा कि वह प्रभु राम के साथ अन्याय कभी नहीं होने देगा।
भरत के किरदार में पारस गौतम ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। दूसरे दृश्य में प्रभु राम की केवट से भेंट का मंचन किया गया। इस दृश्य में राम नदी पार करने के लिए केवट से आग्रह करते हैं। केवट के रूप में अभिषेक डोगरा ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। तीसरे दृश्य में श्री राम और भरत का भावपूर्ण मिलाप दर्शकों के सामने आया। चित्रकूट में भरत, राम से अयोध्या लौटने का आग्रह करते हैं, परंतु राम मां को दिए वचन निभाने की बात कहकर अयोध्या के शासन का दायित्व भरत को सौंप देते हैं। इस मार्मिक मिलाप के दृश्य ने दर्शकों की आंखें भी नम कर दीं। संध्या के अंतिम दृश्य में रावण का कक्ष प्रस्तुत किया गया। शूर्पणखा अपनी कटी हुई नाक लेकर आती है और राम को इसके लिए दोषी ठहराती है। क्रोधित रावण अपनी बहन की अपमान का बदला लेने के लिए सीता हरण की योजना बनाता है। इस अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी सोनू ठाकुर मुख्य अतिथि रहे, जबकि बंदला पंचायत के प्रधान सतीश ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मुख्य अतिथि सोनू ठाकुर ने 11 हजार रुपये की धनराशि समिति को दान की।
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