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Bilaspur News: बीडीटीएस की कार्यकारिणी को हाई कोर्ट से भी मिली राहत
Sat, 01 Mar 2025 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 01 Mar 2025 11:25 PM IST
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आरसीएस के फैसले तक अविश्वास प्रस्ताव पर नहीं होगी बैठक
आरसीएस के स्टे के खिलाफ अदालत में गए थे बागी पदाधिकारी
- बीडीटीएस की कार्यकारिणी के खिलाफ लाया गया है अविश्वास प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एसीसी सीमेंट फैक्ट्री बरमाणा से माल ढुलाई कार्य के लिए अधिकृत बिलासपुर ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) को प्रदेश हाई कोर्ट से भी राहत मिली गई है। अदालत ने आदेश दिया है कि सहकारी सभा के रजिस्ट्रार(आरसीएस) का फैसला आने तक वर्तमान कार्यकारिणी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होगी।
रजिस्ट्रार की ओर से अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ स्टे लगाया गया है। इस स्टे के खिलाफ बागी हुए पदाधिकारी हाई कोर्ट गए थे, लेकिन अदालत ने रजिस्ट्रार के स्टे को जारी रखा है। वहीं, अविश्वास प्रस्ताव पर रजिस्ट्रार की अगली सुनवाई सोमवार को होगी। वर्तमान कार्यकारिणी के खिलाफ 8 फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। चार पदाधिकारियों के पाला बदलने पर वर्तमान कार्यकारिणी को अल्पमत में बताया गया है। इस पर चर्चा के लिए 18 फरवरी का दिन निर्धारित था, लेकिन उससे पहले ही वर्तमान अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पर सहकारी सभाओं के रजिस्ट्रार से स्टे ले लिया। बता दें कि ट्रांसपोर्ट सभा लंबे समय राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रही है। बीडीटीएस में इससे पहले तीन साल में तीन बार तख्तापलट हो चुका है। मार्च 2022 को बीडीटीएस के चुनाव पांच साल के लिए हुए। चुनाव जीतराम गुट ने जीता। दिसंबर 2022 में तख्तापलट कर राकेश ठाकुर प्रधान बने। करीब एक साल बाद नवंबर 2023 फिर तख्तापलट हुआ और लेखराम वर्मा को प्रधान बनाया गया, लेकिन इसके माह बाद ही एक बार फिर तख्तापलट हो गया। जनवरी 2024 को जीतराम गौतम फिर से बीडीटीएस के प्रधान बने। अब करीब एक साल बाद फिर से तख्तापलट की तैयारी चल रही है। बीडीटीएस में चुनाव प्रक्रिया के बाद कुल 21 सदस्य चुने जाते हैं। 11 सदस्यों के समर्थन से प्रधान और महासचिव चुने जाते हैं। वह कार्यकारिणी का विस्तार करते हैं। वर्तमान कार्यकारिणी के पास 13 सदस्यों का समर्थन था, जिनमें चार ने पाला पलट लिया है। हालांकि स्टे मिलने से वर्तमान कार्यकारिणी को राहत मिली है।
कोट
वर्तमान कार्यकारिणी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लगे स्टे को हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा है। रजिस्ट्रार का फैसला आने तक अविश्वास प्रस्ताव पर कोई बैठक नहीं होगी।
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प्रदीप ठाकुर, महासचिव, बीडीटीएस
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आरसीएस के स्टे के खिलाफ अदालत में गए थे बागी पदाधिकारी
- बीडीटीएस की कार्यकारिणी के खिलाफ लाया गया है अविश्वास प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एसीसी सीमेंट फैक्ट्री बरमाणा से माल ढुलाई कार्य के लिए अधिकृत बिलासपुर ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) को प्रदेश हाई कोर्ट से भी राहत मिली गई है। अदालत ने आदेश दिया है कि सहकारी सभा के रजिस्ट्रार(आरसीएस) का फैसला आने तक वर्तमान कार्यकारिणी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होगी।
रजिस्ट्रार की ओर से अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ स्टे लगाया गया है। इस स्टे के खिलाफ बागी हुए पदाधिकारी हाई कोर्ट गए थे, लेकिन अदालत ने रजिस्ट्रार के स्टे को जारी रखा है। वहीं, अविश्वास प्रस्ताव पर रजिस्ट्रार की अगली सुनवाई सोमवार को होगी। वर्तमान कार्यकारिणी के खिलाफ 8 फरवरी को अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। चार पदाधिकारियों के पाला बदलने पर वर्तमान कार्यकारिणी को अल्पमत में बताया गया है। इस पर चर्चा के लिए 18 फरवरी का दिन निर्धारित था, लेकिन उससे पहले ही वर्तमान अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पर सहकारी सभाओं के रजिस्ट्रार से स्टे ले लिया। बता दें कि ट्रांसपोर्ट सभा लंबे समय राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रही है। बीडीटीएस में इससे पहले तीन साल में तीन बार तख्तापलट हो चुका है। मार्च 2022 को बीडीटीएस के चुनाव पांच साल के लिए हुए। चुनाव जीतराम गुट ने जीता। दिसंबर 2022 में तख्तापलट कर राकेश ठाकुर प्रधान बने। करीब एक साल बाद नवंबर 2023 फिर तख्तापलट हुआ और लेखराम वर्मा को प्रधान बनाया गया, लेकिन इसके माह बाद ही एक बार फिर तख्तापलट हो गया। जनवरी 2024 को जीतराम गौतम फिर से बीडीटीएस के प्रधान बने। अब करीब एक साल बाद फिर से तख्तापलट की तैयारी चल रही है। बीडीटीएस में चुनाव प्रक्रिया के बाद कुल 21 सदस्य चुने जाते हैं। 11 सदस्यों के समर्थन से प्रधान और महासचिव चुने जाते हैं। वह कार्यकारिणी का विस्तार करते हैं। वर्तमान कार्यकारिणी के पास 13 सदस्यों का समर्थन था, जिनमें चार ने पाला पलट लिया है। हालांकि स्टे मिलने से वर्तमान कार्यकारिणी को राहत मिली है।
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कोट
वर्तमान कार्यकारिणी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लगे स्टे को हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा है। रजिस्ट्रार का फैसला आने तक अविश्वास प्रस्ताव पर कोई बैठक नहीं होगी।
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प्रदीप ठाकुर, महासचिव, बीडीटीएस