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बिलासपुर में खड़ा किया नया हिमाचल प्रदेश सहकारिता उत्थान संघ
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बिलासपुर। बिलासपुर में सहकारिता से जुड़े प्रमुख लोगों ने एक बैठक का आयोजन कर हिमाचल प्रदेश सहकारिता उत्थान संघ का गठन किया है। शेर सिंह चौहान को संघ का संयोजक नियुक्त किया गया है, जबकि चंबा के देशराज ठाकुर व हमीरपुर के देशराज ठाकुर को सहसंयोजक बनाया गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि यह संघ पूर्ण रूप से गैर राजनीतिक होगा और प्रदेश की सहकारिता संस्थाओं की समस्याओं को हर स्तर पर सरकार के समक्ष उठाएगा। प्रदेश की सहकारी संस्थाओं में सरकार की उदासीनता के चलते 22 सदस्यों ने नया संघ खड़श कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक बिलासपुर में ऊसहकारिता से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों ने बीती सत्रह जुलाई को एक अहम बैठक आयोजित की। इसके तहत सहकारी संस्थाओं के प्रति सरकार के उदासीन रवैये पर रोष व्यक्त करते हुए गहन चर्चा भी की। बैठक में कहा गया कि सहकारिता से जुड़े लोगों को दरकिनार किया जा रहा है और समय पर चुनाव नहीं करवाए जा रहे हैं। सरकारी नियमों को मनमर्जी से बदला जा रहा है। यह भी कहा गया कि अच्छे कार्य के साथ साथ रोजगार सृजन का कार्य कर रही प्राथमिक सहकारी सभाओं दरकिनार किया जा रहा है। यही नहीं, सहकारी संस्थाओं में उदासीनता के साथ साथ बहुत सी सहकारी संस्थाएं बंद भी हो रही हैं जिस पर गहनता से चर्चा की गई। समस्याओं को रखने के लिए नया संघ बनाया गया है जिसकी प्रदेशस्तरीय कार्यकारिणी का गठन संघ की अगली बैठक में किया जाएगा।
इस बैठक में कम से कम पचास सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। जिलास्तर पर भी संघ का गठन किया जाएगा। इस बैठक में सहकारिता से जुड़े सहकारी बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष कश्मीर सिंह राजपूत, राज्य सहकारी बैंक के वर्तमान निदेशक एवं पूर्व अध्यक्ष शेर सिंह चौहान, जिला सहकारी संघ ऊना के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, राज्य सहकारी बैंक के निदेशक राम गोपाल, हिमफैड के निदेशक नरेश चौहान, जिला परिषद चंबा के पूर्व अध्यक्ष देसराज, राज्य कृषि सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक के निदेशक नंदलाल व संजय शर्मा, बघाट बैंक के निदेशक खेम सिंह कश्यप, प्राथमिक सहकारी सभाएं के हमीरपुर के पूर्व महासचिव देसराज ठाकुर, खादी बोर्ड के पूर्व निदेशक विक्रम शर्मा, जिला सहकारी संघ ऊना के सचिव जगमोहन, राज्य कृषि सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक मंडी के पूर्व निदेशक रवि सिंह ठाकुर, किन्नौर से एमआर नेगी, हमीरपुर से जगदीश व रामकृष्ण और शिमला से दिनेश खमराल व जयकिशन ठाकुर इत्यादि ने भाग लिया।
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जानकारी के मुताबिक बिलासपुर में ऊसहकारिता से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों ने बीती सत्रह जुलाई को एक अहम बैठक आयोजित की। इसके तहत सहकारी संस्थाओं के प्रति सरकार के उदासीन रवैये पर रोष व्यक्त करते हुए गहन चर्चा भी की। बैठक में कहा गया कि सहकारिता से जुड़े लोगों को दरकिनार किया जा रहा है और समय पर चुनाव नहीं करवाए जा रहे हैं। सरकारी नियमों को मनमर्जी से बदला जा रहा है। यह भी कहा गया कि अच्छे कार्य के साथ साथ रोजगार सृजन का कार्य कर रही प्राथमिक सहकारी सभाओं दरकिनार किया जा रहा है। यही नहीं, सहकारी संस्थाओं में उदासीनता के साथ साथ बहुत सी सहकारी संस्थाएं बंद भी हो रही हैं जिस पर गहनता से चर्चा की गई। समस्याओं को रखने के लिए नया संघ बनाया गया है जिसकी प्रदेशस्तरीय कार्यकारिणी का गठन संघ की अगली बैठक में किया जाएगा।
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इस बैठक में कम से कम पचास सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। जिलास्तर पर भी संघ का गठन किया जाएगा। इस बैठक में सहकारिता से जुड़े सहकारी बैंक के पूर्व उपाध्यक्ष कश्मीर सिंह राजपूत, राज्य सहकारी बैंक के वर्तमान निदेशक एवं पूर्व अध्यक्ष शेर सिंह चौहान, जिला सहकारी संघ ऊना के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा, राज्य सहकारी बैंक के निदेशक राम गोपाल, हिमफैड के निदेशक नरेश चौहान, जिला परिषद चंबा के पूर्व अध्यक्ष देसराज, राज्य कृषि सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक के निदेशक नंदलाल व संजय शर्मा, बघाट बैंक के निदेशक खेम सिंह कश्यप, प्राथमिक सहकारी सभाएं के हमीरपुर के पूर्व महासचिव देसराज ठाकुर, खादी बोर्ड के पूर्व निदेशक विक्रम शर्मा, जिला सहकारी संघ ऊना के सचिव जगमोहन, राज्य कृषि सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक मंडी के पूर्व निदेशक रवि सिंह ठाकुर, किन्नौर से एमआर नेगी, हमीरपुर से जगदीश व रामकृष्ण और शिमला से दिनेश खमराल व जयकिशन ठाकुर इत्यादि ने भाग लिया।
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