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भड़ोली कलां की आंचल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट चयनित
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भड़ोली कलां की आंचल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट चयनित होने के बाद अपने परिजनों के साथ।
- फोटो : BILASPUR
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बरठीं(बिलासपुर)। हाल ही में जिलेभर से जहां दर्जनों बेटों ने भारतीय फौज में बतौर कमीशनड़ अफसर अपनी भागीदारी से देश सेवा के जज्बे को साकार किया है, वहीं इसी कड़ी में जिले की बेटियों ने भी झंडे गाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। देश सेवा के इसी जज्बे को साकार करने के उद्देश्य से भारतीय फौज में स्थायी कमीशन के आधार पर बतौर लेफ्टिनेंट चयनित हुई भड़ोली कलां की आंचल ने मिशाल पेश की है।
यह उसकी कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि उसे स्थायी कमीशन मिला है। कमांडिंग ऑफिसर विशिष्ट सेवा पदक सरजैंट रीयर एडमिरल शीला एस मिथाई के साथ ब्रिगेडियर ओमना भरथन ने पासिंग आउट परेड के दौरान आंचल को स्टार लगाकर पद ग्रहण की शपथ दिलाई। वहीं भारतीय फौज में उसे स्थायी कमीशन भी दिया गया।
अब आंचल मिलिट्री अस्पताल रूड़की में अपनी सेवाएं देंगी। आंचल ने भारतीय आर्म्ड फोर्स नर्सिंग कॉलेज अश्विनी मुंबई से चार वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद इस मुकाम को हासिल किया है। आंचल के पिता सुखदेव वशिष्ठ प्रधानाचार्य के पद पर और माता बविता बतौर प्रवक्ता प्रदेश शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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आंचल ने बताया कि उसका सपना देश की सेवा करना है। उसकी सफलता के पीछे स्कूल शिक्षक, माता-पिता, परिजनों और उसके साथियों का विशेष योगदान रहा है। उनके मार्गदर्शन से ही उसे यह मुकाम हासिल हुआ है।
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यह उसकी कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि उसे स्थायी कमीशन मिला है। कमांडिंग ऑफिसर विशिष्ट सेवा पदक सरजैंट रीयर एडमिरल शीला एस मिथाई के साथ ब्रिगेडियर ओमना भरथन ने पासिंग आउट परेड के दौरान आंचल को स्टार लगाकर पद ग्रहण की शपथ दिलाई। वहीं भारतीय फौज में उसे स्थायी कमीशन भी दिया गया।
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अब आंचल मिलिट्री अस्पताल रूड़की में अपनी सेवाएं देंगी। आंचल ने भारतीय आर्म्ड फोर्स नर्सिंग कॉलेज अश्विनी मुंबई से चार वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद इस मुकाम को हासिल किया है। आंचल के पिता सुखदेव वशिष्ठ प्रधानाचार्य के पद पर और माता बविता बतौर प्रवक्ता प्रदेश शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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आंचल ने बताया कि उसका सपना देश की सेवा करना है। उसकी सफलता के पीछे स्कूल शिक्षक, माता-पिता, परिजनों और उसके साथियों का विशेष योगदान रहा है। उनके मार्गदर्शन से ही उसे यह मुकाम हासिल हुआ है।