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Bilaspur News: ड्यूटी के दौरान मौत पर आक्रोश, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 50 लाख मुआवजे की मांग

Thu, 08 Jan 2026 11:54 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 08 Jan 2026 11:54 PM IST
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Anger over death in the line of duty, demand for Rs 50 lakh compensation for Anganwadi workers
झंडूता में बाल विकास परियोजना अधिकारी झंडूता को ज्ञापन सौंपती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। स्रोत: यूनि
सीटू यूनियन झंडूता ने परियोजना अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
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कहा, मृत्यु की स्थिति में न सरकार, न ही संबंधित विभाग लेता है जिम्मेदारी

संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। मंडी के टारना वृत्त में पल्स पोलियो अभियान की ड्यूटी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की गिरने से हुई मौत को लेकर प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। इसे लेकर झंडूता आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सीटू यूनियन झंडूता की अध्यक्ष सुषमा की अध्यक्षता में आंगनबाड़ी बाल विकास परियोजना अधिकारी झंडूता के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।

ज्ञापन में कहा गया कि 22 दिसंबर 2025 को हुई यह घटना कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि उस लापरवाह व्यवस्था का नतीजा है, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से विभिन्न विभागों के जोखिम पूर्ण कार्य तो कराए जाते हैं, लेकिन किसी दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में न सरकार और न ही संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करती है। यूनियन ने पूर्व घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले भी ड्यूटी के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मौतें हो चुकी हैं। दो वर्ष पूर्व कुल्लू के सैंज क्षेत्र में फिसलकर गिरने से तथा जून 2024 में चंबा जिले में मीटिंग में जाते समय सड़क दुर्घटना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरला और श्रेष्ठा की मृत्यु हुई थी। इन घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन-प्रशासन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। ज्ञापन में कहा गया कि बेहद कम मानदेय पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पल्स पोलियो, बीएलओ ड्यूटी, फेस ट्रैकिंग, हाउस-टू-हाउस सर्वे जैसे बहु-विभागीय और जोखिम पूर्ण कार्य करने को मजबूर हैं, लेकिन न उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मिलती है, न बीमा और न ही सामाजिक सुरक्षा। यह स्थिति संस्थागत शोषण का प्रतीक है। कार्यकर्ताओं ने मांग उठाई कि ड्यूटी के दौरान मृत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर्षा के परिजनों को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और पूर्व में ड्यूटी के दौरान मृत सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मामलों में समान मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जिस भी विभाग का कार्य करें, उस विभाग की स्पष्ट, लिखित और कानूनी जवाबदेही तय की जाए। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दुर्घटना बीमा, जोखिम भत्ता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। बहु-विभागीय ड्यूटी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। पिछले चार महीनों से लंबित केंद्र का वेतन और दिसंबर माह का राज्य का वेतन तुरंत जारी किया जाए। केंद्र और राज्य के वेतन का भुगतान एकमुश्त किया जाए।
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