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Bilaspur News: गांव के एक कमरे में चल रहा चांडोग आंगनबाड़ी केंद्र
Thu, 02 Jul 2026 11:11 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:11 PM IST
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पच्छाद उपमंडल के चांडोग आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चे गांव के एक कमरे के बाहर शिक्षा ग्रहण करते।
सचित्र--
एक साल पहले भूस्खलन की चपेट में आया था आंगनबाड़ी भवन, अब तक नहीं बना
कमरे में न रोशनी, न हवा और बारिश के मौसम में फिसलने का रहता है डर
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद बाल विकास परियोजना के अधीन ग्राम पंचायत साधना घाट का चांडोग आंगनबाड़ी केंद्र 10 महीने से गांव के एक कमरे में चल रहा है। पिछले साल आई बरसात में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन आपदा की भेंट चढ़ गया था। मगर एक साल बाद भी भवन तैयार नहीं हुआ है। अधिकारियों ने नये भवन के लिए 8 लाख रुपये का प्राकलन तैयार करके उच्चाधिकारियों को भेजा था। बजट का प्रावधान न होने से भवन बन नहीं पाया और आंगनबाड़ी केंद्र गांव के ही एक कमरे में चलाया जा रहा है।
जानकारी अनुसार, अगस्त 2025 में भीषण बारिश और भूस्खलन की चपेट में आने से आंगनवाड़ी भवन पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था। पहाड़ी से आए मलबे ने इस केंद्र की दीवारें गिरा दीं और छत बैठ गई। बच्चों के खेलने के खिलौने, पोषाहार, बर्तन, दरी-पट्टी सब मिट्टी में दब गए। गनीमत ये रही कि हादसा रात के समय हुआ। इस कारण जान की हानि होने से बच गई थी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेमलता, त्रिलोकचंद, मदन सिंह, पूर्व पंचायत सदस्य देवराज, बलवंत सिंह महेंद्र सिंह, चमन सिंह, लेखराज, पुरुषोत्तम व सेवक राम ने बताया कि एक साल से स्थानीय ग्रामीण महेंद्र सिंह के घर में नि:शुल्क रूप से आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन करवाया जा रहा है। वर्तमान में 17 नौनिहाल नियमित तौर पर आंगनबाड़ी केंद्र में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा 4 गर्भवती व 1 धात्री महिला की जिम्मेदारी इसी केंद्र पर निर्भर है। इसलिए बच्चों को बारी-बारी बुलाना पड़ता है। कमरे में न रोशनी का इंतजाम है, न हवा का। बरसात में सीलन और फिसलन रहती है। शौचालय व पानी की कोई व्यवस्था नहीं। गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण और वजन कई बार खुले में या पंचायत घर में करना पड़ता है। पोषाहार वितरण भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार व विभाग से मांग की की शीघ्र ही इस आंगनबाड़ी केंद्र के भवन के लिए बजट का प्रावधान करके क्षेत्र के बच्चों को लाभान्वित किया जाए।
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बाल विकास परियोजना अधिकारी पच्छाद दीपक कुमार ने बताया कि भवन का मूल्यांकन करके उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही बजट आएगा वैसे ही भवन को बनाकर बच्चों को सुविधा दे दी जाएगी।
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एक साल पहले भूस्खलन की चपेट में आया था आंगनबाड़ी भवन, अब तक नहीं बना
कमरे में न रोशनी, न हवा और बारिश के मौसम में फिसलने का रहता है डर
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। पच्छाद बाल विकास परियोजना के अधीन ग्राम पंचायत साधना घाट का चांडोग आंगनबाड़ी केंद्र 10 महीने से गांव के एक कमरे में चल रहा है। पिछले साल आई बरसात में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन आपदा की भेंट चढ़ गया था। मगर एक साल बाद भी भवन तैयार नहीं हुआ है। अधिकारियों ने नये भवन के लिए 8 लाख रुपये का प्राकलन तैयार करके उच्चाधिकारियों को भेजा था। बजट का प्रावधान न होने से भवन बन नहीं पाया और आंगनबाड़ी केंद्र गांव के ही एक कमरे में चलाया जा रहा है।
जानकारी अनुसार, अगस्त 2025 में भीषण बारिश और भूस्खलन की चपेट में आने से आंगनवाड़ी भवन पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था। पहाड़ी से आए मलबे ने इस केंद्र की दीवारें गिरा दीं और छत बैठ गई। बच्चों के खेलने के खिलौने, पोषाहार, बर्तन, दरी-पट्टी सब मिट्टी में दब गए। गनीमत ये रही कि हादसा रात के समय हुआ। इस कारण जान की हानि होने से बच गई थी।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेमलता, त्रिलोकचंद, मदन सिंह, पूर्व पंचायत सदस्य देवराज, बलवंत सिंह महेंद्र सिंह, चमन सिंह, लेखराज, पुरुषोत्तम व सेवक राम ने बताया कि एक साल से स्थानीय ग्रामीण महेंद्र सिंह के घर में नि:शुल्क रूप से आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन करवाया जा रहा है। वर्तमान में 17 नौनिहाल नियमित तौर पर आंगनबाड़ी केंद्र में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अलावा 4 गर्भवती व 1 धात्री महिला की जिम्मेदारी इसी केंद्र पर निर्भर है। इसलिए बच्चों को बारी-बारी बुलाना पड़ता है। कमरे में न रोशनी का इंतजाम है, न हवा का। बरसात में सीलन और फिसलन रहती है। शौचालय व पानी की कोई व्यवस्था नहीं। गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण और वजन कई बार खुले में या पंचायत घर में करना पड़ता है। पोषाहार वितरण भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार व विभाग से मांग की की शीघ्र ही इस आंगनबाड़ी केंद्र के भवन के लिए बजट का प्रावधान करके क्षेत्र के बच्चों को लाभान्वित किया जाए।
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बाल विकास परियोजना अधिकारी पच्छाद दीपक कुमार ने बताया कि भवन का मूल्यांकन करके उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही बजट आएगा वैसे ही भवन को बनाकर बच्चों को सुविधा दे दी जाएगी।