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Bilaspur News: जिले में 24 घंटे सांकेतिक हड़ताल पर रहे एंबुलेंस कर्मचारी, शोषण का आरोप

Fri, 03 Oct 2025 11:37 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 03 Oct 2025 11:37 PM IST
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Ambulance workers in the district went on a 24-hour symbolic strike, alleging exploitation.
उपायुक्त कार्यालय के बाहर मांगों को लेकर इकट्ठा हुए एंबुलेंस कर्मचारी। संवाद
उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन, जमकर हुई नारेबाजी
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विभाग ने एंबुलेंस सुविधा रखी सुचारू, तैनात किए थे स्टाफ के चालक

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश 108 व 102 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन बिलासपुर मांगों को लेकर 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन ने कंपनी और सरकार पर शोषण के आरोप लगाए।
प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर एंबुलेंस कर्मचारी वीरवार शाम 8 बजे से शुक्रवार शाम 8 बजे तक हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने एंबुलेंस की चाबियां प्रबंधन के पास जमा करवा दी थीं। 11 बजे सीटू के पदाधिकारियों के नेतृत्व में यूनियन के पदाधिकारी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। कार्यालय के बाहर यूनियन ने सरकार और कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि 10 और 11 हजार से काम नहीं चलेगा। यूनियन के प्रधान संजीव कुमार ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि 2010 से कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। तब से आज तक कंपनी और सरकार उनका शोषण कर रही है। उनको न तो न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है, न ही ईपीएफ में सुधार किया जा रहा है। इससे पहले यूनियन हड़ताल कर चुकी है, जिस पर सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया था, लेकिन कोई भी उचित कदम नहीं उठाया गया। 2017-18 में न्यायालय ने भी न्यूनतम वेतन देने के आदेश जारी किए, उसके बावजूद आज तक कर्मचारियों का शोषण जारी है। कई बार कर्मचारी अपनी मांगों को कंपनी, विभाग और सरकार के स्तर पर उठा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। प्रदेश सरकार श्रम कानूनों को लागू नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि 12 घंटे एक कर्मचारी ड्यूटी देता है, जबकि उसके समान उसे वेतन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आठ घंटे से ऊपर काम लेने पर उन्हें ओवरटाइम का पैसा दिया जाए। साथ ही ईपीएफ में सुधार किया जाए। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि यह केवल सांकेतिक हड़ताल है, यदि सरकार मांगे पूरी नहीं करती है तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इसके बाद यूनियन ने एसी टू डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ज्ञापन प्रेषित किया और मांगों को पूरा करने का आग्रह किया। वहीं हड़तात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस चलाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर दी थी, ताकि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग ने स्टाफ के चालकों को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। जिले में एंबुलेंस सेवा सुचारू रही, जिससे लोगों को अधिक समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। इस मौके पर यूनियन के उप प्रधान बीरी सिंह, सचिव रामपाल, महासचिव सुरेंद्र, रविंद्र, कंचन सहित अन्य मौजूद रहे।
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इनसेट

जिले में सेवाएं दे रहे 74 कर्मचारी

जिले में 74 एंबुलेंस कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इसमें चालक और फार्मासिस्ट शामिल हैं। जिले भर के स्वास्थ्य संस्थानों में 16 एंबुलेंस 108 और छह एंबुलेंस 102 तैनात हैं। कर्मचारी 12 घंटे की शिफ्ट में काम करते हैं।
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