{"_id":"6579b0865a47e5a30603b549","slug":"allegation-of-recommendation-in-making-slip-argument-with-security-personnel-bilaspur-news-c-92-1-ssml1003-10061-2023-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: पर्ची बनाने में सिफारिश का आरोप, सुरक्षा कर्मियों से बहसबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: पर्ची बनाने में सिफारिश का आरोप, सुरक्षा कर्मियों से बहसबाजी
विज्ञापन
जिला अस्पताल के पर्ची काउंटर पर सुरक्षाकर्मियों और लोगों में होती बहसबाजी । संवाद
घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद मिल रही पर्ची
जिला अस्पताल का हाल, पर्ची काउंटर पर लोगों की सुरक्षा कर्मियों के साथ हुई बहस
लोगों का आरोप सिफारिश पर बनाई जा रहीं पर्चियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला अस्पताल में मरीजों को ओपीडी में दिखाने से पहले पर्ची काउंटर के धक्के खाने पड़ रहे हैं। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद पर्ची हाथ में आती है। लोगों ने आरोप लगाया है कि काउंटर पर सिफारिश पर पर्चियां बनाई जा रही हैं। बुधवार को पर्ची बनाने आए कुछ लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहसबाजी हो गई।
लोगों ने आरोप लगाया कि काउंटर खुलने से पहले सुरक्षा कर्मी और पर्ची बनाने वाले कर्मचारी सिफारिश पर और जान पहचान वालों की पर्चियां बना लेते हैं। इसके बाद में कतार में खड़े तीमारदारों की पर्ची बनाई जाती है। इससे उनका नंबर ओपीडी में दोपहर बाद आता है। जबकि वह जल्दी नंबर आए इसके लिए काउंटर खुलने से पहले कतार में लग जाते हैं। बुधवार को कोठीपुरा आए रसीद खान और सुन्हाणी बरड़ से आए दीप कुमार ने बताया कि वे काउंटर खुलने से पहले पर्ची बनाने के लिए कतार में खड़े थे। इसके बावजूद उनका नंबर 60 से ऊपर चला गया जबकि कतार में शिशु वार्ड की पर्ची बनाने के लिए उनसे आगे इतने लोग खड़े नहीं थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो सुरक्षाकर्मी उनके साथ जोर जबरदस्ती करने लग पड़े।
बता दें कि जिला अस्पताल में ओपीडी पंजीकरण के लिए सिर्फ एक काउंटर है। इससे मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए लंबी कतार लगानी पड़ती है। मरीजों की संख्या अधिक होने और जल्दी पंजीकरण कराने की होड़ में कई बार हंगामा होता है। हालांकि लोगों की ओर से कई बार पर्ची पंजीकरण काउंटर बढ़ाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को राहत देने के लिए काउंटर की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही। जिला अस्पताल के ओपीडी भवन में करीब 15 साल पहले पर्ची काउंटर स्थापित किया था। हर साल अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस समय अस्पताल में हर रोज औसतन 1500 मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी पंजीकरण काउंटर का विस्तार नहीं किया गया है।
विज्ञापन
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि मामले को लेकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से बात की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे।
विज्ञापन
जिला अस्पताल का हाल, पर्ची काउंटर पर लोगों की सुरक्षा कर्मियों के साथ हुई बहस
लोगों का आरोप सिफारिश पर बनाई जा रहीं पर्चियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला अस्पताल में मरीजों को ओपीडी में दिखाने से पहले पर्ची काउंटर के धक्के खाने पड़ रहे हैं। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद पर्ची हाथ में आती है। लोगों ने आरोप लगाया है कि काउंटर पर सिफारिश पर पर्चियां बनाई जा रही हैं। बुधवार को पर्ची बनाने आए कुछ लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहसबाजी हो गई।
लोगों ने आरोप लगाया कि काउंटर खुलने से पहले सुरक्षा कर्मी और पर्ची बनाने वाले कर्मचारी सिफारिश पर और जान पहचान वालों की पर्चियां बना लेते हैं। इसके बाद में कतार में खड़े तीमारदारों की पर्ची बनाई जाती है। इससे उनका नंबर ओपीडी में दोपहर बाद आता है। जबकि वह जल्दी नंबर आए इसके लिए काउंटर खुलने से पहले कतार में लग जाते हैं। बुधवार को कोठीपुरा आए रसीद खान और सुन्हाणी बरड़ से आए दीप कुमार ने बताया कि वे काउंटर खुलने से पहले पर्ची बनाने के लिए कतार में खड़े थे। इसके बावजूद उनका नंबर 60 से ऊपर चला गया जबकि कतार में शिशु वार्ड की पर्ची बनाने के लिए उनसे आगे इतने लोग खड़े नहीं थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो सुरक्षाकर्मी उनके साथ जोर जबरदस्ती करने लग पड़े।
विज्ञापन
बता दें कि जिला अस्पताल में ओपीडी पंजीकरण के लिए सिर्फ एक काउंटर है। इससे मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए लंबी कतार लगानी पड़ती है। मरीजों की संख्या अधिक होने और जल्दी पंजीकरण कराने की होड़ में कई बार हंगामा होता है। हालांकि लोगों की ओर से कई बार पर्ची पंजीकरण काउंटर बढ़ाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को राहत देने के लिए काउंटर की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही। जिला अस्पताल के ओपीडी भवन में करीब 15 साल पहले पर्ची काउंटर स्थापित किया था। हर साल अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इस समय अस्पताल में हर रोज औसतन 1500 मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी पंजीकरण काउंटर का विस्तार नहीं किया गया है।
विज्ञापन
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने बताया कि मामले को लेकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से बात की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे।