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Bilaspur News: सरकारी भूमि पर वार्ड सदस्य द्वारा अवैध कब्जा करने का आरोप सिद्ध
Wed, 16 Oct 2024 11:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 16 Oct 2024 11:56 PM IST
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-2021 में वार्ड सदस्य के खिलाफ हुई थी शिकायत
-प्रशासन ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
-शिकायतकर्ता ने वार्ड सदस्य को पद से हटाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत करलोटी पंचायत में वार्ड सदस्य द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप सिद्ध हो गए हैं। अब इस मामले में पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। 2021 में हुई शिकायत के बाद इस मामले में जांच लगातार जारी थी।
शिकायतकर्ता किशोरी लाल ने 2021 में शिकायत की थी कि करलोटी पंचायत की वार्ड सदस्य द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है जिसकी जांच की जाए। शिकायत के बाद जिला पंचायत अधिकारी ने मामले की जांच करने के आदेश दिए। 16 नवंबर 2021 को विभागीय अधिकारियों ने निशानदेही की। अवैध कब्जा सिद्ध होने के बाद मिशल तैयार की गई। जांच के बाद सभी तथ्यों को उपमंडलाधिकारी घुमारवीं के समक्ष रखा गया था।
उपमंडलाधिकारी घुमारवीं के समक्ष यह मामला चला हुआ था। अब वार्ड सदस्य की ओर से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने संबंधी आरोप सही पाए गए हैं। पूरे मामले को उपायुक्त के समक्ष भेजा गया। जहां से वार्ड सदस्य को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार ऐसे में पंचायती राज अधिनियम के तहत वार्ड सदस्य को पद से हटाया जा सकता है। इसके अलावा छह वर्ष के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध भी हो सकता है। शिकायतकर्ता किशोरी लाल ने कहा कि तीन वर्ष से लगातार जांच जारी है। अवैध कब्जा करने के आरोप सिद्ध हो चुके हैं। ऐसे में अभी तक वार्ड सदस्य को न पद से हटाया गया है न ही अवैध कब्जे में लगे बिजली पानी के कनेक्शन काटे गए हैं। लगातार मामले में लेटलतीफी बरती जा रही है। उधर, जिला पंचायत अधिकारी तिलक राज ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई जारी है। वार्ड सदस्य के पास अवैध कब्जा करने संबंधी आरोप सिद्ध हुए हैं।
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-प्रशासन ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
-शिकायतकर्ता ने वार्ड सदस्य को पद से हटाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के तहत करलोटी पंचायत में वार्ड सदस्य द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोप सिद्ध हो गए हैं। अब इस मामले में पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। 2021 में हुई शिकायत के बाद इस मामले में जांच लगातार जारी थी।
शिकायतकर्ता किशोरी लाल ने 2021 में शिकायत की थी कि करलोटी पंचायत की वार्ड सदस्य द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है जिसकी जांच की जाए। शिकायत के बाद जिला पंचायत अधिकारी ने मामले की जांच करने के आदेश दिए। 16 नवंबर 2021 को विभागीय अधिकारियों ने निशानदेही की। अवैध कब्जा सिद्ध होने के बाद मिशल तैयार की गई। जांच के बाद सभी तथ्यों को उपमंडलाधिकारी घुमारवीं के समक्ष रखा गया था।
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उपमंडलाधिकारी घुमारवीं के समक्ष यह मामला चला हुआ था। अब वार्ड सदस्य की ओर से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने संबंधी आरोप सही पाए गए हैं। पूरे मामले को उपायुक्त के समक्ष भेजा गया। जहां से वार्ड सदस्य को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार ऐसे में पंचायती राज अधिनियम के तहत वार्ड सदस्य को पद से हटाया जा सकता है। इसके अलावा छह वर्ष के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध भी हो सकता है। शिकायतकर्ता किशोरी लाल ने कहा कि तीन वर्ष से लगातार जांच जारी है। अवैध कब्जा करने के आरोप सिद्ध हो चुके हैं। ऐसे में अभी तक वार्ड सदस्य को न पद से हटाया गया है न ही अवैध कब्जे में लगे बिजली पानी के कनेक्शन काटे गए हैं। लगातार मामले में लेटलतीफी बरती जा रही है। उधर, जिला पंचायत अधिकारी तिलक राज ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई जारी है। वार्ड सदस्य के पास अवैध कब्जा करने संबंधी आरोप सिद्ध हुए हैं।
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