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Bilaspur News: नालागढ़ में तैयार होगा उन्नत रोहू-कतला का बीज, बढ़ेगा मत्स्य उत्पादन

Tue, 22 Sep 2026 12:32 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:32 AM IST
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High-quality Rohu-Catla seed to be produced in Nalagarh; fish production to increase.
राजकीय मत्स्य बीज फार्म नालागढ़ में लाया गया उन्नत रोहू और कतला बीज। स्रोत: डीपीआरओ
सीआईएफए से 7,000 उन्नत मत्स्य बीज मंगाया, पारंपरिक प्रजातियों से 20 से 25 फीसदी अधिक वृद्धि का दावा
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वैज्ञानिक तरीके से पालन के बाद तैयार होगा गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध करवाने के लिए मत्स्य विभाग ने नई पहल शुरू की है। विभाग ने राजकीय मत्स्य बीज फार्म नालागढ़ में उन्नत रोहू और कतला का पालन शुरू किया है। इसके लिए आईसीएआर-केंद्रीय मीठाजल जलीय कृषि संस्थान (सीआईएफए), भुवनेश्वर से रोहू और कतला का 7,000 उन्नत मत्स्य बीज मंगाया गया है। मत्स्य निदेशक ओम कांत ठाकुर ने बताया कि खेप में सीआईएफए अमृत जयंती रोहू के 4,000 और अमृत कतला के 3,000 उन्नत मत्स्य बीज शामिल हैं। इनका आकार करीब 30 से 40 मिलीमीटर है। इन्हें नालागढ़ मत्स्य बीज फार्म में नियंत्रित और वैज्ञानिक परिस्थितियों में पाला जाएगा। मछलियों के आहार, स्वास्थ्य और पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाएगी। साथ ही उनकी वृद्धि का भी आकलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अमृत जयंती रोहू चयनात्मक प्रजनन के माध्यम से विकसित उन्नत रोहू प्रजाति है। इसमें बेहतर वृद्धि क्षमता और अधिक उत्पादन की संभावना है। इसी तरह अमृत कतला भी तेजी से बढ़ने वाली और अधिक उत्पादन क्षमता वाली प्रजाति है। विभाग के अनुसार दोनों प्रजातियों की औसत वृद्धि पारंपरिक प्रजातियों की तुलना में 20 से 25 फीसदी अधिक बताई गई है। नालागढ़ फार्म में इन उन्नत मत्स्य बीज को तब तक पाला जाएगा, जब तक ये स्वस्थ और प्रजनन योग्य मछलियों के रूप में विकसित नहीं हो जाते। इसके बाद इनका इस्तेमाल नियंत्रित हैचरी में स्पॉन और मत्स्य बीज तैयार करने के लिए किया जाएगा। विभागीय प्रक्रिया के तहत तैयार गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के किसानों को उपलब्ध करवाया जाएगा। मत्स्य निदेशक ने कहा कि नालागढ़ में उन्नत रोहू और कतला का ब्रूडस्टॉक तैयार होने से प्रदेश में मत्स्य बीज उत्पादन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। साथ ही बाहरी राज्यों से मत्स्य बीज मंगवाने पर निर्भरता भी कम होगी।

अगले साल अधिक संख्या में मत्स्य बीज तैयार करने का लक्ष्य
मत्स्य विभाग की ओर से आगामी वर्ष में अधिक संख्या में उन्नत मत्स्य बीज तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हें प्रदेश के उपयुक्त जल निकायों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और स्टॉकिंग के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा। विभाग ब्रूडस्टॉक प्रबंधन के साथ वैज्ञानिक मत्स्य पालन पद्धतियों, तकनीकी उन्नयन और किसानों के प्रशिक्षण पर भी जोर दे रहा है। विभाग का उद्देश्य प्रदेश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को बेहतर गुणवत्ता का मत्स्य बीज उपलब्ध करवाना और अंतर्देशीय मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।
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