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Bilaspur News: नशे के खिलाफ लड़ाई के लिए सभी वर्गों को आना होगा आगे
Wed, 11 Feb 2026 11:42 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 11 Feb 2026 11:42 PM IST
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दधोल में आयोजित बैठक में ग्रामीणों से चर्चा करते महेंद्र धर्माणी। स्रोत: संस्कार संस्था
दधोल में संस्कार सोसायटी ने अभियान के तहत ग्रामीणों के साथ की चर्चा
अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत दधोल में संस्कार सोसायटी की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बैठक हुई, जिसमें क्षेत्र में बढ़ते चिट्टे के प्रचलन पर रोक लगाना और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाने पर चर्चा की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, समाजसेवियों, युवाओं ने भाग लिया।
वक्ताओं ने कहा कि चिट्टा जैसी घातक नशे की लत युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रही है। इससे न केवल व्यक्ति बल्कि पूरा परिवार और समाज प्रभावित हो रहा है। वक्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते इस सामाजिक बुराई के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ी को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
सोसायटी के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक आम लोग जागरूक होकर नशा तस्करों और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह से काबू पाना संभव नहीं होगा। महेंद्र धर्माणी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी ऊर्जा को खेल, शिक्षा, सामाजिक सेवा और रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों पर विशेष ध्यान दें और उनकी गतिविधियों तथा व्यवहार पर नजर रखें।
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बैठक में छह पंचायतों सेऊ, कसारु, दधोल, पडयालग, गाहर , डंगार और तड़ौन के लोगों ने एकजुट होकर नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे और किसी भी प्रकार की नशा तस्करी या अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभागों को देंगे। इस अवसर पर चर्चा की गई की पांच-पांच पंचायतों को जोड़कर चिट्टे के खिलाफ कार्य किया जाएगा। इसमें संयोजक व सह संयोजक बनाकर जिम्मेदारी दी जाएगीं। यह टीम ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
बैठक के दौरान युवाओं और महिलाओं ने भी अपने विचार साझा किए। उपस्थित लोगों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण की शपथ ली। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और जनसभाएं आयोजित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके।
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अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत दधोल में संस्कार सोसायटी की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बैठक हुई, जिसमें क्षेत्र में बढ़ते चिट्टे के प्रचलन पर रोक लगाना और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाने पर चर्चा की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, समाजसेवियों, युवाओं ने भाग लिया।
वक्ताओं ने कहा कि चिट्टा जैसी घातक नशे की लत युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रही है। इससे न केवल व्यक्ति बल्कि पूरा परिवार और समाज प्रभावित हो रहा है। वक्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते इस सामाजिक बुराई के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ी को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
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सोसायटी के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक आम लोग जागरूक होकर नशा तस्करों और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह से काबू पाना संभव नहीं होगा। महेंद्र धर्माणी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी ऊर्जा को खेल, शिक्षा, सामाजिक सेवा और रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों पर विशेष ध्यान दें और उनकी गतिविधियों तथा व्यवहार पर नजर रखें।
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बैठक में छह पंचायतों सेऊ, कसारु, दधोल, पडयालग, गाहर , डंगार और तड़ौन के लोगों ने एकजुट होकर नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे और किसी भी प्रकार की नशा तस्करी या अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभागों को देंगे। इस अवसर पर चर्चा की गई की पांच-पांच पंचायतों को जोड़कर चिट्टे के खिलाफ कार्य किया जाएगा। इसमें संयोजक व सह संयोजक बनाकर जिम्मेदारी दी जाएगीं। यह टीम ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
बैठक के दौरान युवाओं और महिलाओं ने भी अपने विचार साझा किए। उपस्थित लोगों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण की शपथ ली। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और जनसभाएं आयोजित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके।