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मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों मजदूर
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Thu, 16 Mar 2017 07:34 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार के मजदूर विरोधी रवैये को लेकर वीरवार को हजारों की संख्या में मजदूरों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। हजारों मजदूरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध रैली निकाली। इसमें मजदूरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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साथ ही उपायुक्त बिलासपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ज्ञापन भी भेजा। सुबह करीब साढ़े 11 बजे राजमिस्त्री, पेंटर, कारपेंटर, वेल्डर, फिटर, प्लंबर और मनरेगा के हजारों मजदूर राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) बिलासपुर जिला इकाई की अगुवाई में इंटक प्रदेश महासचिव और ऑल हिमाचल पीडब्ल्यूडी, आईपीएच एवं अनुबंध कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सीता राम सैणी की अगुवाई में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के परिसर में एकत्रित हुए।
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यहां मजदूरों से विरोध रैली निकाली। रैली बस अड्डा, चंपा पार्क और चेतना चौक से होते हुए रैली उपायुक्त कार्यालय के परिसर में तक पहुंची। यहां मजदूरों ने करीब दो घंटे तक केंद्र सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
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मजदूरों को संबोधित करते हुए सीताराम सैणी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नई अधिसूचना निकाल कर हजारों मनरेगा मजदूरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। इस अधिसूचना के मुताबिक अब कोई भी मनरेगा मजदूर श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत नहीं हो सकता और उसे न ही कोई अन्य वित्तीय लाभ मिलेगा। ऐसा करके केंद्र सरकार ने जहां अपने मजदूर विरोधी होने का प्रमाण दिया है।
प्रदेश के हजारों मनरेगा मजदूरों के लाखों परिवारवालों के पेट पर भी लात मारने का काम किया है। वहीं, हिमाचल भवन एवं निर्माण मजदूर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष जगत राम शर्मा ने कहा कि श्रम कल्याण बोर्ड एक्ट 1996 में साफ तौर पर लिखा है, जो मजदूर किसी भी निर्माण में काम करता है, तो वह श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकरण होने का पात्र है। एक तरफ तो केंद्र सरकार मनरेगा मजदूरों को एक वर्ष में 100 दिन ही रोजगार दे रही है।
इसमें श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकरण करने के लिए 50 दिन की छूट पिछली केंद्र सरकार ने दी थी। इसे वर्तमान केंद्र सरकार ने छीन लिया है। इस अवसर पर उमेश शर्मा, रूप सिंह ठाकुर, पूनम शर्मा, जगतार सिंह बैंस, सरदार रूप सिंह, प्रेमलाल भाटिया, धर्म सिंह सहगल, चैन सिंह, सोहन लाल, मधु पाल धीमान, राजीव महाजन, रीना पुंडीर, मधु चंदेल, कमल देव, सुभाष चंदेल, अनिल कश्यप, पुष्पा शर्मा, कांता शर्मा, राजेश, कमल ठाकुर, चंपा देवी, उमला देवी, ऊषा शर्मा, बगो देवी, सरवणी देवी, शकुंतला देवी, सोनू ठाकुर, सोम प्रकाश सांख्यान और शिव सिंह सहित कई मजदूर उपस्थित रहे।