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Bilaspur News: मंडी-भराड़ी हमले में वाहन की व्यवस्था कराने वाले आरोपी को मिली जमानत
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अदालत ने कहा- हमले के समय मौके पर नहीं था, भूमिका वाहन की व्यवस्था तक सीमित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मंडी-भराड़ी चौक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय बिलासपुर ने आरोपी अनिल कुमार को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए।
अदालत ने पाया कि अनिल कुमार घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था और घायल युवक पर सीधे हमला करने का आरोप भी उसके खिलाफ नहीं है। उसकी कथित भूमिका मुख्य आरोपियों की घटना के बाद आवाजाही के लिए वाहन की व्यवस्था कराने में मदद करने तक सीमित थी। अदालत ने इस तथ्य को जमानत के लिए महत्वपूर्ण माना।
मामला सदर थाना में आठ जुलाई को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार मंडी-भराड़ी चौक के पास शिकायतकर्ता पर कुल्हाड़ी और डंडे से हमला किया गया था। हमले में युवक को कई चोटें आई थीं। अनिल कुमार को नौ जुलाई से न्यायिक हिरासत में रखा गया था। बचाव पक्ष ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी से कोई बरामदगी लंबित नहीं है।
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अदालत ने इसी मामले में सह-आरोपी धीरज धर्माणी को हाईकोर्ट से मिली जमानत का भी संज्ञान लिया। हाईकोर्ट ने दो सितंबर को उसकी भूमिका मुख्य रूप से वाहन उपलब्ध कराने तक सीमित मानी थी। अनिल की भूमिका भी काफी हद तक समान पाई गई।
अदालत ने आरोपी पर गवाहों को प्रभावित न करने, किसी अपराध में शामिल न होने और बिना अनुमति देश से बाहर न जाने समेत अन्य शर्तें लगाई हैं। शर्तों के उल्लंघन पर जमानत रद्द की जा सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मंडी-भराड़ी चौक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय बिलासपुर ने आरोपी अनिल कुमार को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए।
अदालत ने पाया कि अनिल कुमार घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था और घायल युवक पर सीधे हमला करने का आरोप भी उसके खिलाफ नहीं है। उसकी कथित भूमिका मुख्य आरोपियों की घटना के बाद आवाजाही के लिए वाहन की व्यवस्था कराने में मदद करने तक सीमित थी। अदालत ने इस तथ्य को जमानत के लिए महत्वपूर्ण माना।
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मामला सदर थाना में आठ जुलाई को दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार मंडी-भराड़ी चौक के पास शिकायतकर्ता पर कुल्हाड़ी और डंडे से हमला किया गया था। हमले में युवक को कई चोटें आई थीं। अनिल कुमार को नौ जुलाई से न्यायिक हिरासत में रखा गया था। बचाव पक्ष ने कहा कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपी से कोई बरामदगी लंबित नहीं है।
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अदालत ने इसी मामले में सह-आरोपी धीरज धर्माणी को हाईकोर्ट से मिली जमानत का भी संज्ञान लिया। हाईकोर्ट ने दो सितंबर को उसकी भूमिका मुख्य रूप से वाहन उपलब्ध कराने तक सीमित मानी थी। अनिल की भूमिका भी काफी हद तक समान पाई गई।
अदालत ने आरोपी पर गवाहों को प्रभावित न करने, किसी अपराध में शामिल न होने और बिना अनुमति देश से बाहर न जाने समेत अन्य शर्तें लगाई हैं। शर्तों के उल्लंघन पर जमानत रद्द की जा सकती है।