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Bilaspur News: एम्स में एक महीने में मिलेगी आभा एप की सुविधा
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- इलाज कराने के लिए आभा नंबर होगा अनिवार्य
- ओपीडी में मरीजों का तैयार कराया जा रहा आभा नंबर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में महीने भर में आभा एप की सुविधा शुरू होने जा रही है। आभा एप की सुविधा शुरू होने के बाद एम्स में इलाज कराने के लिए आभा नंबर अनिवार्य हो जाएगा। आभा नंबर के बगैर एम्स की ओपीडी में इलाज के लिए पर्ची बनवाना मुश्किल होगा।
एम्स के पर्ची काउंटर पर मरीजों को आभा एप की जानकारी दी जा रही है। साथ ही मरीजों का आभा नंबर भी तैयार कराया जा रहा है। इसके लिए एक पंजीकरण काउंटर भी स्थापित किया गया है। आभा एप से ओपीडी में मरीजों का इलाज आसान हो जाएगा। ओपीडी पंजीकरण के लिए मरीजों को लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एप से क्यूआर कोड स्कैन करके आसानी से ओपीडी पंजीकरण कराया जा सकेगा। वहीं, एम्स में पंजीकरण काउंटर के पास क्यूआर कोड चस्पा कर दिया गया है। बता दें कि भारत सरकार ने देश के सभी एम्स और बड़े स्वास्थ्य संस्थानों को आभा एप से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है। फरवरी में एम्स बिलासपुर को भी आभा एप से जोड़ने की घोषणा की गई थी। एप पर पंजीकरण कराने वाले मरीज को एक हेल्थ आईडी प्रदान की जाएगी जो 14 अंकों की होगी। यह नंबर एक तरह से उनके हेल्थ अकाउंट की तरह ही काम करेगा। आभा नंबर से मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से संग्रहित रहेगी। लोगों को कई साल पुरानी रिपोर्ट आदि सहेजने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही यदि रिपोर्ट, रसीद या इलाज संबंधी पेपर वर्क गुम हो जाते हैं तो भी उन्हें परेशान नहीं होना होगा। उधर, एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश वर्मा ने बताया कि महीने भर में आभा एप की सुविधा देने की तैयारी की जा रही है।
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- ओपीडी में मरीजों का तैयार कराया जा रहा आभा नंबर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में महीने भर में आभा एप की सुविधा शुरू होने जा रही है। आभा एप की सुविधा शुरू होने के बाद एम्स में इलाज कराने के लिए आभा नंबर अनिवार्य हो जाएगा। आभा नंबर के बगैर एम्स की ओपीडी में इलाज के लिए पर्ची बनवाना मुश्किल होगा।
एम्स के पर्ची काउंटर पर मरीजों को आभा एप की जानकारी दी जा रही है। साथ ही मरीजों का आभा नंबर भी तैयार कराया जा रहा है। इसके लिए एक पंजीकरण काउंटर भी स्थापित किया गया है। आभा एप से ओपीडी में मरीजों का इलाज आसान हो जाएगा। ओपीडी पंजीकरण के लिए मरीजों को लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एप से क्यूआर कोड स्कैन करके आसानी से ओपीडी पंजीकरण कराया जा सकेगा। वहीं, एम्स में पंजीकरण काउंटर के पास क्यूआर कोड चस्पा कर दिया गया है। बता दें कि भारत सरकार ने देश के सभी एम्स और बड़े स्वास्थ्य संस्थानों को आभा एप से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है। फरवरी में एम्स बिलासपुर को भी आभा एप से जोड़ने की घोषणा की गई थी। एप पर पंजीकरण कराने वाले मरीज को एक हेल्थ आईडी प्रदान की जाएगी जो 14 अंकों की होगी। यह नंबर एक तरह से उनके हेल्थ अकाउंट की तरह ही काम करेगा। आभा नंबर से मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और रिपोर्ट डिजिटल माध्यम से संग्रहित रहेगी। लोगों को कई साल पुरानी रिपोर्ट आदि सहेजने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही यदि रिपोर्ट, रसीद या इलाज संबंधी पेपर वर्क गुम हो जाते हैं तो भी उन्हें परेशान नहीं होना होगा। उधर, एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश वर्मा ने बताया कि महीने भर में आभा एप की सुविधा देने की तैयारी की जा रही है।
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