{"_id":"5b5893d54f1c1b46748b6ee9","slug":"91532531669-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कम क्रेडिट मिलने पर बीबीए के छात्रों प्राचार्य से मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कम क्रेडिट मिलने पर बीबीए के छात्रों प्राचार्य से मिले
Updated Wed, 25 Jul 2018 08:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कम क्रेडिट मिलने पर बीबीए के छात्रों प्राचार्य से मिले
छात्रों ने एचईआईएस अध्यक्ष सहित समस्त कार्यकारिणी का त्याग पत्र मांगा
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं(बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय घुमारवीं में कम क्रेडिट मिलने पर भविष्य को लेकर चिंतित सभी बीबीए के छात्रों ने कॉलेज प्राचार्य को मांग पत्र सौंप कर एचईआईएस कार्यकारिणी के त्याग पत्र की मांग की। इसमें अध्यक्ष प्राचार्य, सचिव प्रवीण रणौत, सह समन्वयक विक्रम कपिल सहित अन्य सदस्य शामिल है।
उन्होंने मांग की है कि कार्यकारिणी का कार्यकाल सिर्फ एक वर्ष के लिए लिखित रूप से रखा जाए। प्रत्येक सत्र शुरू होने पर कार्यकारिणी को बदल दिया जाए। इसके अलावा एचईआईएस की कार्यकारिणी में एक अभिभावक व छात्र की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
छात्रों ने मांग पत्र में कहा कि सचिव प्रवीण रणौत हम सभी छात्रों को विश्वविद्यालय लेकर गए थे। इसमें उन्होंने सभी छात्रों को घर तक पहुंचाने व खाने की व्यवस्था की जिम्मेवारी भी ली थी लेकिन उन्होंने न तो खाने के लिए पूछा और शिमला से वापस आने पर उन्होंने सभी छात्रों को कॉलेज गेट के सामने छोड़ गए।
विज्ञापन
उन्होंने सचिव पर मांग पत्र में आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उप कुलपति के सामने किसी भी छात्र को अपनी बात नहीं रखने दी और खुद ही कहा कि ये सभी विद्यार्थी फेल हैं इसलिए इनका परिणाम नहीं आया है। छात्रों ने कहा कि समय सारिणी बनाना प्रभारी का काम था और कौन सा विषय कब पढ़ाना था ये सभी कार्य समय सारिणी प्रभारी के थे। यह जिम्मेवारी सह समन्वयक विक्रम कपिल को सौंपी गई थी। इसमें उन्होंने ध्यान नहीं दिया कि छात्रों के क्रेडिट पूरे हो रहे हैं कि नहीं। पांचवें सत्र की समय सारिणी में छूटे विषय को डाल कर छात्रों के क्रेडिट पूरे किए जा सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। पूर्व प्राचार्य जगदीश लाल ने भी इस गलती को ठीक नहीं करवाया जिससे आज बीबीए के छात्रों का भविष्य अंधकार में है।
बुधवार को सभी छात्र कॉलेज प्राचार्या डॉ. वशुंधरा राजन से मिले जिसमें उन्होंने अपनी मांगों को प्राचार्य के समक्ष रखा। परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए विद्यार्थियों को मेजर विषय में 48, माइनर एक में 24, माइनर 2 में 24, अनिवार्य विषय में 9 और स्किल में एक क्रेडिट की आवश्यकता थी। परिणाम आने के बाद ही विद्यार्थियों को पता चला कि उनके क्रेडिट ही पूरे नहीं हो रहे हैं जिससे उनका परीक्षा परिणाम तो आ गया है लेकिन उनकी डिग्री नहीं आएगी।
विज्ञापन
छात्रों ने एचईआईएस अध्यक्ष सहित समस्त कार्यकारिणी का त्याग पत्र मांगा
अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं(बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय घुमारवीं में कम क्रेडिट मिलने पर भविष्य को लेकर चिंतित सभी बीबीए के छात्रों ने कॉलेज प्राचार्य को मांग पत्र सौंप कर एचईआईएस कार्यकारिणी के त्याग पत्र की मांग की। इसमें अध्यक्ष प्राचार्य, सचिव प्रवीण रणौत, सह समन्वयक विक्रम कपिल सहित अन्य सदस्य शामिल है।
उन्होंने मांग की है कि कार्यकारिणी का कार्यकाल सिर्फ एक वर्ष के लिए लिखित रूप से रखा जाए। प्रत्येक सत्र शुरू होने पर कार्यकारिणी को बदल दिया जाए। इसके अलावा एचईआईएस की कार्यकारिणी में एक अभिभावक व छात्र की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
विज्ञापन
छात्रों ने मांग पत्र में कहा कि सचिव प्रवीण रणौत हम सभी छात्रों को विश्वविद्यालय लेकर गए थे। इसमें उन्होंने सभी छात्रों को घर तक पहुंचाने व खाने की व्यवस्था की जिम्मेवारी भी ली थी लेकिन उन्होंने न तो खाने के लिए पूछा और शिमला से वापस आने पर उन्होंने सभी छात्रों को कॉलेज गेट के सामने छोड़ गए।
विज्ञापन
उन्होंने सचिव पर मांग पत्र में आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने उप कुलपति के सामने किसी भी छात्र को अपनी बात नहीं रखने दी और खुद ही कहा कि ये सभी विद्यार्थी फेल हैं इसलिए इनका परिणाम नहीं आया है। छात्रों ने कहा कि समय सारिणी बनाना प्रभारी का काम था और कौन सा विषय कब पढ़ाना था ये सभी कार्य समय सारिणी प्रभारी के थे। यह जिम्मेवारी सह समन्वयक विक्रम कपिल को सौंपी गई थी। इसमें उन्होंने ध्यान नहीं दिया कि छात्रों के क्रेडिट पूरे हो रहे हैं कि नहीं। पांचवें सत्र की समय सारिणी में छूटे विषय को डाल कर छात्रों के क्रेडिट पूरे किए जा सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। पूर्व प्राचार्य जगदीश लाल ने भी इस गलती को ठीक नहीं करवाया जिससे आज बीबीए के छात्रों का भविष्य अंधकार में है।
बुधवार को सभी छात्र कॉलेज प्राचार्या डॉ. वशुंधरा राजन से मिले जिसमें उन्होंने अपनी मांगों को प्राचार्य के समक्ष रखा। परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए विद्यार्थियों को मेजर विषय में 48, माइनर एक में 24, माइनर 2 में 24, अनिवार्य विषय में 9 और स्किल में एक क्रेडिट की आवश्यकता थी। परिणाम आने के बाद ही विद्यार्थियों को पता चला कि उनके क्रेडिट ही पूरे नहीं हो रहे हैं जिससे उनका परीक्षा परिणाम तो आ गया है लेकिन उनकी डिग्री नहीं आएगी।