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पद्मावत फिल्म पर लगाई जाए पाबंदी
Updated Wed, 17 Jan 2018 10:40 PM IST
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घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल सरकार की ओर से पदमावत फिल्म के प्रदर्शन पर रोक न लगाने पर क्षत्रिय समुदाय ने कड़ा रोष व्यक्त किया है।
अखिल हिमाचल क्षत्रिय महासभा की जिला स्तरीय इकाई के जिला प्रधान प्रेम सिंह ठाकुर, महासचिव योगेश ठाकुर, प्रवक्ता हुकम सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष ऊषा ठाकुर, जिला की अध्यक्ष रचना ठाकुर, महासचिव निशा चंदेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रोमिला चंदेल, घुमारवीं खंड के प्रधान हरि सिंह ठाकुर, बिलासपुर खंड के प्रधान देवी राम, झंडूता खंड प्रधान सतपाल वर्मा व स्वारघाट खंड के प्रधान सुंका राम ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश की तर्ज पर पद्मावत फिल्म के प्रदर्शन पर हिमाचल में भी रोक लगाई जाए, ताकि देश के करोड़ों क्षत्रियों की भावनाएं आहत न हों। इतिहास से छेड़छाड़ कर इस फिल्म में महारानी पद्मावती के चरित्र को अशोभनीय तरीके से प्रस्तुत किया है जोकि असहनीय है। फिल्म निर्माता को फिल्म बनाते समय किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई हक नहीं है। यदि प्रदेश सरकार इस फिल्म के प्रदर्शन पर हिमाचल प्रदेश में रोक नहीं लगाती है तो क्षत्रिय कोई भी कठोर कदम उठाने पर मजबूर हो जाएंगे जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।
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अखिल हिमाचल क्षत्रिय महासभा की जिला स्तरीय इकाई के जिला प्रधान प्रेम सिंह ठाकुर, महासचिव योगेश ठाकुर, प्रवक्ता हुकम सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष ऊषा ठाकुर, जिला की अध्यक्ष रचना ठाकुर, महासचिव निशा चंदेल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रोमिला चंदेल, घुमारवीं खंड के प्रधान हरि सिंह ठाकुर, बिलासपुर खंड के प्रधान देवी राम, झंडूता खंड प्रधान सतपाल वर्मा व स्वारघाट खंड के प्रधान सुंका राम ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश की तर्ज पर पद्मावत फिल्म के प्रदर्शन पर हिमाचल में भी रोक लगाई जाए, ताकि देश के करोड़ों क्षत्रियों की भावनाएं आहत न हों। इतिहास से छेड़छाड़ कर इस फिल्म में महारानी पद्मावती के चरित्र को अशोभनीय तरीके से प्रस्तुत किया है जोकि असहनीय है। फिल्म निर्माता को फिल्म बनाते समय किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई हक नहीं है। यदि प्रदेश सरकार इस फिल्म के प्रदर्शन पर हिमाचल प्रदेश में रोक नहीं लगाती है तो क्षत्रिय कोई भी कठोर कदम उठाने पर मजबूर हो जाएंगे जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।