फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   88 panchayats in red zone in child sex ratio rate

Bilaspur News: शिशु लिंगानुपात दर में 88 पंचायतें रेड जोन में

Tue, 05 Sep 2023 04:41 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Sep 2023 04:41 PM IST
विज्ञापन
88 panchayats in red zone in child sex ratio rate
- रेड जोन में गिने जाएंगे क्षेत्र, चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
विज्ञापन

जिले की 88 ग्राम पंचायतों की शिशु लिंगानुपात दर 929 से नीचे
-जिन दंपतियों की पहली बेटी हुई उन पर नजर रखें अधिकारी
-कन्या भ्रूण को रोकने के लिए एडीसी ने दिए कड़े दिशा-निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले की 88 पंचायतों की शिशु लिंगानुपात दर देश की शिशु लिंगानुपात दर 929 से नीचे चली गई है। यानी इन पंचायत को अब रेड जोन में गिना जाएगा। रेड जोन में विकासखंड सदर, श्री नयना देवी के अंतर्गत 30 पंचायतें, घुमारवीं के अंतर्गत 27 जबकि विकासखंड झंडूता के अंतर्गत 31 पंचायतें शामिल हैं।
शिशु लिंगानुपात दर को सुधारने के लिए विशेष मुहिम चलाई जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त डॉक्टर निधि पटेल ने महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त जिले की 92 ऐसी पंचायतें हैं, जिनकी शिशु लिंगानुपात दर देश की लिंगानुपात दर 929 से ऊपर हैं। इन 92 पंचायतों को ग्रीन जोन में गिना जाएगा। ग्रीन जोन में विकासखंड सदर व श्री नयना देवी के अंतर्गत 47 पंचायतें, घुमारवीं के अंतर्गत 19 और झंडूता के अंतर्गत 26 पंचायतें हैं। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग को रेड जोन में आई पंचायतों में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैठक में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय कमेटी के सदस्यों ने राजस्थान सरकार की तर्ज पर लिंग जांच, कन्या भ्रूण हत्या और शिशु लिंगानुपात संबंधित केस को रोकने के लिए विशेष थाना स्थापित करने के लिए प्रयास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिले के सभी अल्ट्रासाउंड केंद्र, बिलासपुर की सीमा के साथ लगते पड़ोसी राज्यों के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए। बताया कि लिंग निर्धारण परीक्षणों की आसान उपलब्धता के साथ छोटे परिवार का मानदंड गिरते बाल लिंग अनुपात में उत्प्रेरक हो सकता है, जो गर्भधारण पूर्व लिंग चयन सुविधाओं की आसान उपलब्धता से और भी आसान हो जाता है। अतिरिक्त उपायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत आंगनबाड़ी वर्करों और आशा वर्करों को इस मामले में और अधिक सक्रियता से कार्य करने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन दंपतियों की पहली बेटी हुई है उन दंपतियों पर विशेष रूप से नजर रखी जाए, ताकि कन्या भ्रूण को रोका सके। बैठक में कमेटी के सदस्यों ने जिले में लिंग जांच को रोकने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में डीपीओ आईसीडीएस हरीश मिश्रा मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रवीण कुमार सहित जिला स्तरीय कमेटी के सभी सदस्य उपस्थित रहे।


इनसेट
लिंग जांचने वाले अल्ट्रासाउंड की जानकारी देने पर मिलेंगे 20 हजार

जिला स्तरीय कमेटी ने निर्णय लिया कि लिंग जांच करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्र के बारे में जानकारी देने वाले व्यक्ति को जिला प्रशासन की ओर से 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर जारी करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed