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Bilaspur News: मरम्मत पर कर दिए सवा आठ लाख खर्च, फिर भी शौचालय पर लटके हैं ताले
Tue, 13 May 2025 11:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Tue, 13 May 2025 11:52 PM IST
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दकड़ी चौक में बने शौचालय पर लटके ताले और छत पर लगा होर्डिंग। संवाद
- फोटो : credit
घुमारवीं के दकड़ी चौक पर राहगीरों, यात्रियों को नहीं शौचालय की सुविधा
छत पर लगे होर्डिंग से हो रही कमाई, नगर परिषद के लिए आय का जरिया बना शौचालय
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं द्वारा आमजन की सुविधा के लिए वर्ष 2006 में दकड़ी चौक पर बनाया गया सार्वजनिक शौचालय करीब पांच माह से बंद है। करीब पांच महीने पहले इसे मरम्मत के लिए बंद किया गया था। तब से इसकी मरम्मत चल रही है और करीब सवा आठ लाख रुपये भी खर्च हो चुके हैं, लेकिन शौचालय आज भी जनता के लिए बंद पड़ा है। दरवाजों पर ताले लटके हैं।
दकड़ी चौक पर बने इस शौचालय की सुविधा न मिलने से लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि पांच माह से मरम्मत के नाम पर बंद शौचालय पर करीब सवा आठ लाख रुपये खर्च कर दिए हैं मगर सुविधा कोई नहीं मिल रही है। इतना ही नहीं इसकी छत पर लगे होर्डिंग से नगर परिषद को 1200 प्रति माह की आमदनी भी हो रही है। इससे लोगों में रोष है कि सुविधा दी नही मगर आय जरूर हो रही है। शौचालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए इसका पुनर्निर्माण किया गया। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी ताकि भीड़भाड़ वाले इस क्षेत्र में यात्रियों और राहगीरों को सहूलियत मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि शौचालय की मरम्मत तो करवा दी गई, लेकिन जनता के लिए इसे शुरू नहीं किया गया। पांच महीने से दरवाजों पर ताले लटके हैं। दकड़ी चौक पर प्रतिदिन सैंकड़ों लोग गुजरते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, यात्री और सरकारी कार्यालय जाने वाले लोग शामिल हैं। शौचालय बंद होने के कारण उन्हें खुले में जाने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है।
लोगों का आरोप है कि नगर परिषद ने इस शौचालय को आमजन की सुविधा की बजाय आय का स्रोत बना लिया है। शौचालय की छत पर लगा होर्डिंग हर माह नगर परिषद को किराया दे रहा है, लेकिन जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। यह स्थिति नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि यात्रियों, खासकर महिलाओं के लिए यह शौचालय बेहद जरूरी है। दुकानदारों ने मांग की है कि शौचालय को जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
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लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच न करने के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर वर्षों पहले बनाए गए इस शौचालय की दुर्दशा और लापरवाही इस मिशन की पोल खोल रही है। लाखों रुपये खर्च कर मरम्मत करवाने के बावजूद शौचालय आमजन के लिए उपलब्ध नहीं है, जिससे लोग खुली जगहों पर जाने को मजबूर हैं।
उधर, नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल ने कहा कि दकड़ी चौक में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे आमजन की सुविधा के लिए खोल दिया जाएगा।
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छत पर लगे होर्डिंग से हो रही कमाई, नगर परिषद के लिए आय का जरिया बना शौचालय
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं द्वारा आमजन की सुविधा के लिए वर्ष 2006 में दकड़ी चौक पर बनाया गया सार्वजनिक शौचालय करीब पांच माह से बंद है। करीब पांच महीने पहले इसे मरम्मत के लिए बंद किया गया था। तब से इसकी मरम्मत चल रही है और करीब सवा आठ लाख रुपये भी खर्च हो चुके हैं, लेकिन शौचालय आज भी जनता के लिए बंद पड़ा है। दरवाजों पर ताले लटके हैं।
दकड़ी चौक पर बने इस शौचालय की सुविधा न मिलने से लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि पांच माह से मरम्मत के नाम पर बंद शौचालय पर करीब सवा आठ लाख रुपये खर्च कर दिए हैं मगर सुविधा कोई नहीं मिल रही है। इतना ही नहीं इसकी छत पर लगे होर्डिंग से नगर परिषद को 1200 प्रति माह की आमदनी भी हो रही है। इससे लोगों में रोष है कि सुविधा दी नही मगर आय जरूर हो रही है। शौचालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए इसका पुनर्निर्माण किया गया। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी ताकि भीड़भाड़ वाले इस क्षेत्र में यात्रियों और राहगीरों को सहूलियत मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि शौचालय की मरम्मत तो करवा दी गई, लेकिन जनता के लिए इसे शुरू नहीं किया गया। पांच महीने से दरवाजों पर ताले लटके हैं। दकड़ी चौक पर प्रतिदिन सैंकड़ों लोग गुजरते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, यात्री और सरकारी कार्यालय जाने वाले लोग शामिल हैं। शौचालय बंद होने के कारण उन्हें खुले में जाने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है।
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लोगों का आरोप है कि नगर परिषद ने इस शौचालय को आमजन की सुविधा की बजाय आय का स्रोत बना लिया है। शौचालय की छत पर लगा होर्डिंग हर माह नगर परिषद को किराया दे रहा है, लेकिन जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। यह स्थिति नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि यात्रियों, खासकर महिलाओं के लिए यह शौचालय बेहद जरूरी है। दुकानदारों ने मांग की है कि शौचालय को जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
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लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच न करने के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर वर्षों पहले बनाए गए इस शौचालय की दुर्दशा और लापरवाही इस मिशन की पोल खोल रही है। लाखों रुपये खर्च कर मरम्मत करवाने के बावजूद शौचालय आमजन के लिए उपलब्ध नहीं है, जिससे लोग खुली जगहों पर जाने को मजबूर हैं।
उधर, नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल ने कहा कि दकड़ी चौक में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे आमजन की सुविधा के लिए खोल दिया जाएगा।