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शहर के शौचालयों की खस्ताहाल
Updated Wed, 07 Feb 2018 10:46 PM IST
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बिलासपुर। शहर के सार्वजनिक शौचालयों की खस्ताहाल को लेकर ग्लोबल ज्यूरिस्ट संस्था ने चिंता जाहिर की है। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर शहर में जहां प्रशासनिक अमला बैठता है वहां शौचालयों की हालत खस्ता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में क्या हाल होगा। नगर परिषद शहर के खस्ताहाल शौचालयों को ठीक नहीं करवा रही है।
संस्था के पदाधिकारियों जिलाध्यक्ष अधिवक्ता रजनीश शर्मा, उपाध्यक्ष अधिवक्ता अजय नड्डा, सचिव अखिल ठाकुर, विक्रम सिंह, सहसचिव अरविंद सिंह, सलाहकार होशियार सिंह, प्रेस प्रवक्ता अतुल सांख्यान का कहना है कि शहर में सार्वजनिक शौचालयों में सीटें, नलके, और दरवाजे टूट हुए हैं। बदबूदार माहौल से शहरवासी परेशान हैं। बाहर से आने वाले लोगों को नाक बंद कर मजबूरी में शौचालय का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसके बावजूद नगर परिषद के अधिकारी कार्यालयों से बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं।
शहर के डियारा सेक्टर में मार्केट के बीचोंबीच बने सार्वजनिक शौचालय खस्ताहाल और सफाई व्यवस्था के न होने से बंद पड़े हैं। शहर के हर चौक व सेक्टर में बने शौचालयों की यही हालत है। कुछ बंद कर दिए हैं, तो कुछ टूट कर अपने आप ही बंद हो गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ती है।
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संस्था के प्रधान अधिवक्ता रजनीश शर्मा का कहना है कि जिला प्रशासन को इस पर कार्रवाई करते हुए नगर परिषद बिलासपुर के कार्यकारी अधिकारी पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए। संस्था ने कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर शौचालयों की हालत नहीं सुधारी गई तो जिला प्रशासन व चुने हुए जन प्रतिनिधियों का संस्था घेराव करेगी। मामले की जानकारी सीएम को दी जाएगी।
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संस्था के पदाधिकारियों जिलाध्यक्ष अधिवक्ता रजनीश शर्मा, उपाध्यक्ष अधिवक्ता अजय नड्डा, सचिव अखिल ठाकुर, विक्रम सिंह, सहसचिव अरविंद सिंह, सलाहकार होशियार सिंह, प्रेस प्रवक्ता अतुल सांख्यान का कहना है कि शहर में सार्वजनिक शौचालयों में सीटें, नलके, और दरवाजे टूट हुए हैं। बदबूदार माहौल से शहरवासी परेशान हैं। बाहर से आने वाले लोगों को नाक बंद कर मजबूरी में शौचालय का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसके बावजूद नगर परिषद के अधिकारी कार्यालयों से बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं।
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शहर के डियारा सेक्टर में मार्केट के बीचोंबीच बने सार्वजनिक शौचालय खस्ताहाल और सफाई व्यवस्था के न होने से बंद पड़े हैं। शहर के हर चौक व सेक्टर में बने शौचालयों की यही हालत है। कुछ बंद कर दिए हैं, तो कुछ टूट कर अपने आप ही बंद हो गए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ती है।
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संस्था के प्रधान अधिवक्ता रजनीश शर्मा का कहना है कि जिला प्रशासन को इस पर कार्रवाई करते हुए नगर परिषद बिलासपुर के कार्यकारी अधिकारी पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए। संस्था ने कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर शौचालयों की हालत नहीं सुधारी गई तो जिला प्रशासन व चुने हुए जन प्रतिनिधियों का संस्था घेराव करेगी। मामले की जानकारी सीएम को दी जाएगी।