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हादसे के बाद भी सबक लेने को तैयार नहीं, ओवरलोडिंग जारी
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बिलासपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम मुनाफे के चक्कर में सवारियों को ठूंस-ठूंस कर बसों में भर रहा है। मानों आए दिन हो रहे हादसों से कोई सबक लेने को तैयार नहीं। बुधवार को भी जामली के पास बस हादसे का शिकार हो गई थी जिसमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इन सब हादसों के बाद भी बसों में ओवरलोडिंग रोकने को कोई तैयार नहीं। अमर उजाला की टीम ने शुक्रवार को बिलासपुर बस अड्डे का दौरा किया तो पाया निजी हो या सरकारी, सभी बसों में जम कर ओवरलोडिंग हो रही है।
वहीं, हैरान करने की बात तो यह भी है कि अड्डा प्रभारी भी सरेआम इन ओवरलोडिंग को देख रहे थे। लेकिन एक बार भी वह बस चालक को ओवरलोडिंग करने से रोक नहीं पा रहे थे। इससे अनुमान लगा सकते हैं कि एचआरटीसी मुनाफे के चक्कर में सवारियों की जान जोखिम में डाल रही है।
बता दें कि कुछ साल पहले छोटी दिवाली पर बंदलाधार को जा रही बस ओवरलोडिंग और तकनीकी खराबी के कारण गहरी खाई में गिर गई थी। जिसमें दर्जनों लोगों की जान चली गई थी। उसके बाद एक निजी बस ओवरलोडिंग होने के चलते बस गोबिंदसागर झील में गिर गई थी।
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हादसे के बाद भी नहीं हो रही बसों की चेकिंग
बस हादसे बढ़ने के बाद भी सरकारी अमला बसों का निरीक्षण नहीं कर रहा है। सरकारी हो या फिर निजी बसों में ओवरलोडिंग सरेआम हो रही है। लेकिन बिलासपुर प्रशासन सिर्फ दो पहिया वाहनों के चालान काटने में व्यस्त है। बसों में ओवरलोडिंग प्रशासन को नहीं दिखाई दे रही है।
एआरटीओ बिलासपुर आरसी राणा ने कहा कि चेकिंग लगातार जारी है। अगर कोई ऐसा कर रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ न होने के चलते काफी परेशानी आ रही है। विभाग समय-समय पर निरीक्षण कर रहा है।
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वहीं, हैरान करने की बात तो यह भी है कि अड्डा प्रभारी भी सरेआम इन ओवरलोडिंग को देख रहे थे। लेकिन एक बार भी वह बस चालक को ओवरलोडिंग करने से रोक नहीं पा रहे थे। इससे अनुमान लगा सकते हैं कि एचआरटीसी मुनाफे के चक्कर में सवारियों की जान जोखिम में डाल रही है।
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बता दें कि कुछ साल पहले छोटी दिवाली पर बंदलाधार को जा रही बस ओवरलोडिंग और तकनीकी खराबी के कारण गहरी खाई में गिर गई थी। जिसमें दर्जनों लोगों की जान चली गई थी। उसके बाद एक निजी बस ओवरलोडिंग होने के चलते बस गोबिंदसागर झील में गिर गई थी।
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हादसे के बाद भी नहीं हो रही बसों की चेकिंग
बस हादसे बढ़ने के बाद भी सरकारी अमला बसों का निरीक्षण नहीं कर रहा है। सरकारी हो या फिर निजी बसों में ओवरलोडिंग सरेआम हो रही है। लेकिन बिलासपुर प्रशासन सिर्फ दो पहिया वाहनों के चालान काटने में व्यस्त है। बसों में ओवरलोडिंग प्रशासन को नहीं दिखाई दे रही है।
एआरटीओ बिलासपुर आरसी राणा ने कहा कि चेकिंग लगातार जारी है। अगर कोई ऐसा कर रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ न होने के चलते काफी परेशानी आ रही है। विभाग समय-समय पर निरीक्षण कर रहा है।