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बड़गांव के गांवों में दो सप्ताह से नहीं पानी
Updated Tue, 29 May 2018 11:57 PM IST
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बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बड़गांव के गांव खिल, फटोह, झरेडी, मरीणी, निहाण, बलोह और री में लगभग दो सप्ताह से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग की लापरवाही के कारण उनको पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को साथ लगती खड्ड का पानी इस्तेमाल में लाना पड़ रहा है।
लोगों नंदकिशोर, नित्यानंद, दयानंद, प्रकाश चंद, हरी राम, जमनू राम, धर्म सिंह, बलबीर सिंह, शमशेर सिंह, कविता कुमारी, जगदीश चंद, चंद्रप्रकाश, सतीश, प्रेम लाल, राजकुमार, रजनी देवी, रामदास, बिमला देवी, कौशल्या देवी, बहादुर सिंह, कश्मीर सिंह, छोटा राम, लक्ष्मण सिंह सहित अन्यों ने बताया कि लगभग दो सप्ताह से पानी नहीं मिल रहा है। विभागीय अधिकारियों को कई बार समस्या को हल करने के लिए कहा गया। लेकिन, अभी तक कोई भी कार्रवाई विभाग ने अमल में नहीं लाई है।
ग्रामीणों ने बताया कि सर्दियों में भी पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। गांव में कोई बावड़ी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय कर्मचारी मिलीभगत से पेयजल की सप्लाई करते हैं। कुछ लोग नियमों को ताक पर रखकर टुल्लू पंप से पानी भर रहे हैं। जबकि पंद्रह परिवारों को पेयजल सहित पशुओं व दैनिक उपयोग के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि गांव के लोगों को पेयजल सुचारु रूप से दिया जाए, ताकि पेयजल किल्लत का सामना न करना पड़े।
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उधर, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के सहायक अभियंता सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि गर्मी के कारण खड्डों का जलस्तर सूखने के कगार पर है। लोगों को पानी नियमित रूप से दिया जा रहा है। जल्दी ही पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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लोगों नंदकिशोर, नित्यानंद, दयानंद, प्रकाश चंद, हरी राम, जमनू राम, धर्म सिंह, बलबीर सिंह, शमशेर सिंह, कविता कुमारी, जगदीश चंद, चंद्रप्रकाश, सतीश, प्रेम लाल, राजकुमार, रजनी देवी, रामदास, बिमला देवी, कौशल्या देवी, बहादुर सिंह, कश्मीर सिंह, छोटा राम, लक्ष्मण सिंह सहित अन्यों ने बताया कि लगभग दो सप्ताह से पानी नहीं मिल रहा है। विभागीय अधिकारियों को कई बार समस्या को हल करने के लिए कहा गया। लेकिन, अभी तक कोई भी कार्रवाई विभाग ने अमल में नहीं लाई है।
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ग्रामीणों ने बताया कि सर्दियों में भी पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। गांव में कोई बावड़ी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय कर्मचारी मिलीभगत से पेयजल की सप्लाई करते हैं। कुछ लोग नियमों को ताक पर रखकर टुल्लू पंप से पानी भर रहे हैं। जबकि पंद्रह परिवारों को पेयजल सहित पशुओं व दैनिक उपयोग के लिए भी पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि गांव के लोगों को पेयजल सुचारु रूप से दिया जाए, ताकि पेयजल किल्लत का सामना न करना पड़े।
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उधर, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के सहायक अभियंता सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि गर्मी के कारण खड्डों का जलस्तर सूखने के कगार पर है। लोगों को पानी नियमित रूप से दिया जा रहा है। जल्दी ही पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।