{"_id":"59e0fe764f1c1b6f548b74c6","slug":"41507917430-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नयनादेवी के सौ मीटर दायरे में निर्माण पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नयनादेवी के सौ मीटर दायरे में निर्माण पर रोक
Updated Sat, 14 Oct 2017 05:17 PM IST
विज्ञापन
नयना देवी मंदिर
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नयना देवी (बिलासपुर)। हाईकोर्ट ने श्री नयनादेवी मंदिर के सौ मीटर के दायरे में निर्माण कार्य पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है। हालांकि कोर्ट ने साफ किया है कि इन आदेशों का मंदिर न्यास के निर्माण कार्यों और लोक हित में न्यास के किए जाने वाले कार्यों पर स्थगन आदेश लागू नहीं होंगे। जबकि अन्य किसी भी निर्माण कार्य पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी।
वहीं प्रदेश उच्च न्यायालय ने 2008 में श्री नयनादेवी में हुए हादसे की उपायुक्त और एसपी से स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। इस हादसे में 142 लोगों की मौत हो गई थी। उक्त अधिकारियों को इस संबंध में 22 नवंबर तक हाईकोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट जमा करनी होगी।
गौर रहे कि स्थानीय व्यक्ति की अपील पर सुनवाई करते हुए प्रदेश हाईकोर्ट ने उक्त फैसला सुनाया है। कोर्ट के फैसले के बाद अब 100 मीटर के दायरे में निजी जमीन पर भी कोई व्यक्ति निर्माण कार्य नहीं कर सकता है।
विज्ञापन
यह निर्णय मंदिर के आसपास बढ़ रही भवनों की भीड़ को देखते हुए लिया गया है। इसके साथ ही पहले से बने भवनों के ऊपर भी अब निर्माण कार्य नहीं हो पाएगा। हाईकोर्ट ने इस संबंध में उपायुक्त बिलासपुर और एसपी बिलासपुर को ऐसे सभी कदम उठाने के लिए भी कहा है, जिनकी अनुशंसा मंडी डिवीजनल कमीश्नर ने नयनादेवी में वर्ष 2008 में हुई भगदड़ में 142 लोगों की मौत के बाद की थी।
इसके साथ ही माननीय न्यायालय ने एक सिविल रिट पीटीशन की सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश पारित करते हुए 22.11.2017 तक उपायुक्त बिलासपुर और एसपी बिलासपुर को स्टेट्स रिपोर्ट जमा करवाने के आदेश दिए हैं।
इस संबंध में नयनादेवी के एसडीएम चेत सिंह ने कहा की माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की प्रतिलिपि उन्हें मिली है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं प्रदेश उच्च न्यायालय ने 2008 में श्री नयनादेवी में हुए हादसे की उपायुक्त और एसपी से स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है। इस हादसे में 142 लोगों की मौत हो गई थी। उक्त अधिकारियों को इस संबंध में 22 नवंबर तक हाईकोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट जमा करनी होगी।
विज्ञापन
गौर रहे कि स्थानीय व्यक्ति की अपील पर सुनवाई करते हुए प्रदेश हाईकोर्ट ने उक्त फैसला सुनाया है। कोर्ट के फैसले के बाद अब 100 मीटर के दायरे में निजी जमीन पर भी कोई व्यक्ति निर्माण कार्य नहीं कर सकता है।
विज्ञापन
यह निर्णय मंदिर के आसपास बढ़ रही भवनों की भीड़ को देखते हुए लिया गया है। इसके साथ ही पहले से बने भवनों के ऊपर भी अब निर्माण कार्य नहीं हो पाएगा। हाईकोर्ट ने इस संबंध में उपायुक्त बिलासपुर और एसपी बिलासपुर को ऐसे सभी कदम उठाने के लिए भी कहा है, जिनकी अनुशंसा मंडी डिवीजनल कमीश्नर ने नयनादेवी में वर्ष 2008 में हुई भगदड़ में 142 लोगों की मौत के बाद की थी।
इसके साथ ही माननीय न्यायालय ने एक सिविल रिट पीटीशन की सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश पारित करते हुए 22.11.2017 तक उपायुक्त बिलासपुर और एसपी बिलासपुर को स्टेट्स रिपोर्ट जमा करवाने के आदेश दिए हैं।
इस संबंध में नयनादेवी के एसडीएम चेत सिंह ने कहा की माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की प्रतिलिपि उन्हें मिली है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया जाएगा।