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Bilaspur News: बरठीं में 33 केवी विद्युत उपकेंद्र बना शोपीस
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- पिछली सरकार में बने इस उपकेंद्र में अभी तक नहीं हुई स्टाफ की नियुक्ति
- 14 पंचायतों के 60 गांवों को मिलनी है लो वोल्टेज की समस्या निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के बरठीं में करीब छह करोड़ की लागत से बना 33 केवी विद्युत उपकेंद्र शोपीस बनकर रह गया है। भाजपा सरकार ने बरठीं सहित आसपास की 14 पंचायतों के 60 गांवों में लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए इस विद्युत उपकेंद्र को बनाया था, लेकिन इसमें अभी तक स्टाफ की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
इस विद्युत उपकेंद्र के शुरू हो जाने से करीब 53 हजार आबादी लाभान्वित होगी। उपकेंद्र को चलाने के लिए एक जेई, तीन एसएस, तीन हेल्पर, एक चौकीदार, एक इलेक्ट्रिकल कर्मचारी की आवश्यकता है। अभी तक इस केंद्र पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। एक इलेक्ट्रिकल कर्मचारी इसकी देखरेख करता है, लेकिन उसे भी कर्मचारियों का टोटा होने के कारण फील्ड में भेज दिया जाता है। इसके चलते यह विद्युत उपकेंद्र मात्र शोपीस बना हुआ है। वर्तमान में बरठीं और आसपास क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को 33 केवी विद्युत उपकेंद्र नस्वाल और 33 केवी विद्युत उपकेंद्र झंडूता से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इनके अधिक दूरी होने के कारण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति में कई बार व्यवधान आ जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए बरठीं में 33 केवी विद्युत उपकेंद्र को स्थापित किया गया था। इसके निर्माण पर लगभग 5 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत आई है। इसमें साढ़े चार किलोमीटर लंबी 33 केवी एचटी लाइन का निर्माण भी शामिल है। जागरूक ब्राह्मण मंच के जिला प्रधान नरेश सहोड, सहकारी सभा बड़ागांव के अध्यक्ष मनोज कुमार, सतीश कुमार, दिनेश कुमार, सुनीत सिंह आदि लोगों ने विभाग और सरकार से मांग की है कि इस विद्युत उपकेंद्र को जल्द से जल्द चलाया जाए। ताकि लोगों की समस्या का निवारण हो सके, अन्यथा आने वाले लोकसभा चुनावों में इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा।
कोट्
इस समस्या से वर्तमान सरकार और उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जैसे ही स्टाफ की व्यवस्था होगी, इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
-हरबंस लाल शर्मा, सहायक अभियंता, विद्युत विभाग
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- 14 पंचायतों के 60 गांवों को मिलनी है लो वोल्टेज की समस्या निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के बरठीं में करीब छह करोड़ की लागत से बना 33 केवी विद्युत उपकेंद्र शोपीस बनकर रह गया है। भाजपा सरकार ने बरठीं सहित आसपास की 14 पंचायतों के 60 गांवों में लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए इस विद्युत उपकेंद्र को बनाया था, लेकिन इसमें अभी तक स्टाफ की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
इस विद्युत उपकेंद्र के शुरू हो जाने से करीब 53 हजार आबादी लाभान्वित होगी। उपकेंद्र को चलाने के लिए एक जेई, तीन एसएस, तीन हेल्पर, एक चौकीदार, एक इलेक्ट्रिकल कर्मचारी की आवश्यकता है। अभी तक इस केंद्र पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। एक इलेक्ट्रिकल कर्मचारी इसकी देखरेख करता है, लेकिन उसे भी कर्मचारियों का टोटा होने के कारण फील्ड में भेज दिया जाता है। इसके चलते यह विद्युत उपकेंद्र मात्र शोपीस बना हुआ है। वर्तमान में बरठीं और आसपास क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को 33 केवी विद्युत उपकेंद्र नस्वाल और 33 केवी विद्युत उपकेंद्र झंडूता से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। इनके अधिक दूरी होने के कारण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति में कई बार व्यवधान आ जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए बरठीं में 33 केवी विद्युत उपकेंद्र को स्थापित किया गया था। इसके निर्माण पर लगभग 5 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत आई है। इसमें साढ़े चार किलोमीटर लंबी 33 केवी एचटी लाइन का निर्माण भी शामिल है। जागरूक ब्राह्मण मंच के जिला प्रधान नरेश सहोड, सहकारी सभा बड़ागांव के अध्यक्ष मनोज कुमार, सतीश कुमार, दिनेश कुमार, सुनीत सिंह आदि लोगों ने विभाग और सरकार से मांग की है कि इस विद्युत उपकेंद्र को जल्द से जल्द चलाया जाए। ताकि लोगों की समस्या का निवारण हो सके, अन्यथा आने वाले लोकसभा चुनावों में इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा।
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कोट्
इस समस्या से वर्तमान सरकार और उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। जैसे ही स्टाफ की व्यवस्था होगी, इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
-हरबंस लाल शर्मा, सहायक अभियंता, विद्युत विभाग