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सुन्हाणी खड्ड का जल स्तर बढ़ा उपजाऊ भूमि बही
Updated Tue, 14 Aug 2018 10:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बरठीं (बिलासपुर)। सुन्हाणी खड्ड में पिछले 11 वर्ष पूर्व 2007 में आई बाढ़ की त्रासदी को लोग अभी भूले भी नहीं है लेकिन एक दिन पहले खड्ड के उफान के कारण लोगों को उसी त्रासदी का डर एक बार फिर सताने लगा है। खड्ड के उफान से ग्राम पंचायत सुन्हाणी, बडग़ांव व बलोह के बाशिंदों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
रविवार व सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण खड्ड का जल स्तर तड़के 25 फीट से ऊपर जा पहुंचा था। 2007 में आई बाढ़ में भी इसी तरह का मंजर लोगों ने देखा है, जिसमें लोगों का भारी जानमाल का नुकसान हुआ था। सुन्हाणी गांव के किसानों के मवेशी, मकान, फर्नीचर इत्यादि जहां खड्ड में वह गया था, वहीं ग्राम पंचायत बडग़ांव के दो सगे भाइयों को भी खड्ड का बहाव अपने साथ बहा ले गया था और दो परिवारों में अंधेरा सा छा गया था।
उस समय तत्कालीन राजस्व मंत्री सत महाजन ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया था और बाढ़ प्रभावित लोगों को दो-दो विस्वा जमीन देने की बात कही थी जो आज दिन तक पूरी नहीं हो सकी है। इसका भी किसानों को मलाल है। हाल ही में आई खड्ड का जल स्तर इतना अधिक था कि सुन्हाणी पुल को छूने में मात्र चार फीट का ही अंतर दिख रहा था। खड्ड के उफान को देखते हुए लोगों ने पुल पर आवाजाही भी कुछ देर के लिए बंद कर रखी थी। खड्ड के तेज बहाव के कारण री गांव के दर्जनों किसानों की उपजाऊ भूमि एक बार फिर तेज बहाव के कारण बह गई है। जबकि ग्रामीणों ने पिछले वर्ष हुए भूमि कटाव की भरपाई के लिए प्रशासन के पास गुहार लगाई थी। किसानों ने मांग की है कि खड्ड का तटीयकरण किया जाए ताकि आने वाले समय में उनका कोई नुकसान न ह्रो।
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दस लाख रुपये हुए मंजूर : बीडीओ
बीडीओ विकास शर्मा का कहना है कि री खड्ड के तटयीकरण को लेकर दस लाख रुपये मंजूर हो चुका है। पंचायत को भी इसकी मंजूरी दे दी गई है। करीब चार माह पहले री गांव का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने आया था। उसी समय प्रधान व सचिव को कार्य करवाने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन कार्य क्यों नहीं करवाया गया है, इसकी जांच की जाएगी।
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बरठीं (बिलासपुर)। सुन्हाणी खड्ड में पिछले 11 वर्ष पूर्व 2007 में आई बाढ़ की त्रासदी को लोग अभी भूले भी नहीं है लेकिन एक दिन पहले खड्ड के उफान के कारण लोगों को उसी त्रासदी का डर एक बार फिर सताने लगा है। खड्ड के उफान से ग्राम पंचायत सुन्हाणी, बडग़ांव व बलोह के बाशिंदों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
रविवार व सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण खड्ड का जल स्तर तड़के 25 फीट से ऊपर जा पहुंचा था। 2007 में आई बाढ़ में भी इसी तरह का मंजर लोगों ने देखा है, जिसमें लोगों का भारी जानमाल का नुकसान हुआ था। सुन्हाणी गांव के किसानों के मवेशी, मकान, फर्नीचर इत्यादि जहां खड्ड में वह गया था, वहीं ग्राम पंचायत बडग़ांव के दो सगे भाइयों को भी खड्ड का बहाव अपने साथ बहा ले गया था और दो परिवारों में अंधेरा सा छा गया था।
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उस समय तत्कालीन राजस्व मंत्री सत महाजन ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया था और बाढ़ प्रभावित लोगों को दो-दो विस्वा जमीन देने की बात कही थी जो आज दिन तक पूरी नहीं हो सकी है। इसका भी किसानों को मलाल है। हाल ही में आई खड्ड का जल स्तर इतना अधिक था कि सुन्हाणी पुल को छूने में मात्र चार फीट का ही अंतर दिख रहा था। खड्ड के उफान को देखते हुए लोगों ने पुल पर आवाजाही भी कुछ देर के लिए बंद कर रखी थी। खड्ड के तेज बहाव के कारण री गांव के दर्जनों किसानों की उपजाऊ भूमि एक बार फिर तेज बहाव के कारण बह गई है। जबकि ग्रामीणों ने पिछले वर्ष हुए भूमि कटाव की भरपाई के लिए प्रशासन के पास गुहार लगाई थी। किसानों ने मांग की है कि खड्ड का तटीयकरण किया जाए ताकि आने वाले समय में उनका कोई नुकसान न ह्रो।
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दस लाख रुपये हुए मंजूर : बीडीओ
बीडीओ विकास शर्मा का कहना है कि री खड्ड के तटयीकरण को लेकर दस लाख रुपये मंजूर हो चुका है। पंचायत को भी इसकी मंजूरी दे दी गई है। करीब चार माह पहले री गांव का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलने आया था। उसी समय प्रधान व सचिव को कार्य करवाने के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन कार्य क्यों नहीं करवाया गया है, इसकी जांच की जाएगी।