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ईश्वर सर्वशक्तिमान है, वह कण-कण में विद्यमान हैं
Updated Thu, 09 Nov 2017 08:01 PM IST
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Jagran
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
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बिलासपुर।
ईश्वर सर्वशक्तिमान हैं। वह कण-कण में विद्यमान हैं। अपने भक्त की एक पुकार पर वह खुद दौड़े चले आते हैं। जरूरत केवल उन्हें श्रद्धा और भक्ति भाव से पुकारने की है। यह उद्गार कथा ब्यास पंडित पुनीतानंद शर्मा ने बिलासपुर-बंदला सड़क पर दनोह-कुनाला में स्थित गोपाल मंदिर में कहे।
वे श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के तहत प्रवचन कर रहे थे।
पुनीतानंद शर्मा ने कहा कि मनुष्य दुनिया में खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही चला जाता है। उसे धन-दौलत से नहीं, बल्कि उसके कर्मों और व्यवहार से याद रखा जाता है। इसके बावजूद लोग जिंदगी भर मोहमाया के चक्कर में उलझे रहते हैं। मनुष्य को केवल विपत्ति के समय ही भगवान की याद आती है।
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इस तरह की प्रवृत्ति सही नहीं है। लिहाजा उन्हें चाहिए कि वे भगवान के चरणों में ध्यान लगाने के साथ ही नि:स्वार्थ भाव से दीन-दुखियों की सहायता करें। गोपाल मंदिर कमेटी के महासचिव राजपाल कपिल ने बताया कि धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन 12 नवंबर को जन सहयोग से भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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