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सीर खड्ड पर नहीं बनी कृत्रिम झील
Updated Fri, 27 Oct 2017 09:43 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : amarujala
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बिलासपुर। घुमारवीं में सीर खड्ड पर कृत्रिम झील नहीं बन पाई। नौ करोड़ की लागत से बनने वाली इस झील का शिलान्यास 29 दिसंबर, 2014 को सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने किया था। लेकिन, तीन साल बीत जाने के बाद भी झील को बनाने के संदर्भ में कोई कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। हालांकि कार्य तो शुरू हुआ, लेकिन बीच में बंद हो गया। इससे घुमारवीं क्षेत्र के लोग अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
हालांकि जहां पर चैक डैम बनना था, वहां तक ठेकेदार ने सड़क का ही निर्माण किया है। इसके बाद कार्य बंद पड़ा हुआ है। सीर खड्ड पर बनने वाली कृत्रिम झील से जल संग्रहण बांध बनाया जाना था। एक बांध घुमारवीं और दूसरा ओढ़ी में बनना था। जो पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण होंगे।
घुमारवीं शहर व्यापार की नजर से अति महत्वपूर्ण है। शहर में कृत्रिम झील बन जाने से पर्यटन को बढ़ावा मिलना था। चैक डैम बनने से यहां पर बिजली का उत्पादन भी किया जाना था। इससे घुमारवीं क्षेत्र के लोगों को बिजली की सुविधा भी मिलनी थी। इसके अलावा सिंचाई व पेयजल योजना का भी लाभ मिलेगा। जबकि कृत्रिम झील के बनने से लोगों को रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। लेकिन, कृत्रित झील के न बनने से ऐसा कुछ नहीं हो पाया।
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जिस ठेकेदार ने पहले कार्य लिया था, वह काम छोड़ गया है। उसके खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई होगी। विभाग ने दोबारा टेंडर भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही टेंडर लगाए जाएंगे।
-अरविंद सूद, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग।
पहले ठेकेदार नहीं मिल रहे थे। अब ठेका हो गया है। इसका डिजाइन फाइनल करवाया जा रहा है, जिसे पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज को सौंपा गया है। जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा।
-राजेश धर्माणी, विधायक एवं सीपीएस।
कृत्रिम झील को विधायक अपने फायदे के लिए बनवा रहे हैं। क्योंकि इससे विधायक के होटल में काम को बढ़ावा मिलेगा, जिसका स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। यह सब विधायक अपने लाभ के लिए करवा रहे हैं।
-राजेंद्र गर्ग, भाजपा प्रत्याशी।
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हालांकि जहां पर चैक डैम बनना था, वहां तक ठेकेदार ने सड़क का ही निर्माण किया है। इसके बाद कार्य बंद पड़ा हुआ है। सीर खड्ड पर बनने वाली कृत्रिम झील से जल संग्रहण बांध बनाया जाना था। एक बांध घुमारवीं और दूसरा ओढ़ी में बनना था। जो पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण होंगे।
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घुमारवीं शहर व्यापार की नजर से अति महत्वपूर्ण है। शहर में कृत्रिम झील बन जाने से पर्यटन को बढ़ावा मिलना था। चैक डैम बनने से यहां पर बिजली का उत्पादन भी किया जाना था। इससे घुमारवीं क्षेत्र के लोगों को बिजली की सुविधा भी मिलनी थी। इसके अलावा सिंचाई व पेयजल योजना का भी लाभ मिलेगा। जबकि कृत्रिम झील के बनने से लोगों को रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। लेकिन, कृत्रित झील के न बनने से ऐसा कुछ नहीं हो पाया।
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जिस ठेकेदार ने पहले कार्य लिया था, वह काम छोड़ गया है। उसके खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई होगी। विभाग ने दोबारा टेंडर भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही टेंडर लगाए जाएंगे।
-अरविंद सूद, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग।
पहले ठेकेदार नहीं मिल रहे थे। अब ठेका हो गया है। इसका डिजाइन फाइनल करवाया जा रहा है, जिसे पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज को सौंपा गया है। जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा।
-राजेश धर्माणी, विधायक एवं सीपीएस।
कृत्रिम झील को विधायक अपने फायदे के लिए बनवा रहे हैं। क्योंकि इससे विधायक के होटल में काम को बढ़ावा मिलेगा, जिसका स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। यह सब विधायक अपने लाभ के लिए करवा रहे हैं।
-राजेंद्र गर्ग, भाजपा प्रत्याशी।