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जिला के लाखों लोगों का स्वास्थ्य 13 डॉक्टरों के हवाले
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डेमो
- फोटो : डेमो
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शुभम राही
बिलासपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में लोगों के स्वास्थ्य के लिए सरकार गंभीर नहीं है। यहां से आए दिन डॉक्टरों के तबादले हो रहे हैं जिस कारण अब हालत ऐसी हो गई है कि लाखों लोगों की सेहत की देखरेख करने के लिए मात्र 13 डॉक्टर बच गए हैं जिससे यहां लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कुछ माह पूर्व तक यहां 21 डॉक्टर थे लेकिन अब मात्र 13 डॉक्टर की यहां शेष रह गए हैं।
चिकित्सकों का तबादला करके मुख्यमंत्री के गृह जिला में भेजा जा रहा है। बिलासपुर अस्पताल से एक माह के भीतर दो चिकित्सक मंडी के लिए ट्रांसफर हो गए हैं। जबकि एक अन्य चिकित्सक एमडी का तबादला भी हो गया है। बीते 6 और 7 फरवरी को जारी हुई अधिसूचना में सोलन, कांगड़ा, बिलासपुर, धर्मशाला और ऊना के चिकित्सकों के तबादले हुए हैं।
वहीं, हैरान करने की बात तो यह है कि इन सभी चिकित्सकों के तबादले सीधे मंडी जिला में किए गए हैं। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि मुख्यमंत्री के गृह जिला में चिकित्सकों को रखा जा रहा है। वहीं, बिलासपुर जिला की बात की जाए तो यहां पर ट्रांसफर होने के बाद मात्र 13 चिकित्सक ही रह गए हैं।
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गौर हो कि सत्ता परिवर्तन के बाद यहां पर चिकित्सकों की तैनाती होना शुरू हो गई थी जिसके चलते अस्पताल में यहां की जनता को हर ओपीडी मेें चिकित्सक मिलते थे लेकिन अब एक बार फिर से कुछ ओपीडी बंद होने की कगार में आ गई हैं। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो नई सरकार में बिलासपुर के तीन विधायक हैं, जबकि मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार और ओएसडी भी बिलासपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं लेकिन इसके बाद भी जिला की अनदेखी हो रही है।
इनसेट...
उच्चाधिकारियों को समस्या से कराया अवगत
बिलासपुर से दो और चिकित्सकों का तबादला हो गया है। चिकित्सकों की कमी के बारे उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया दिया गया है।
...डॉ. राजेश आहलूवालिया, एमएस बिलासपुर
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बिलासपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में लोगों के स्वास्थ्य के लिए सरकार गंभीर नहीं है। यहां से आए दिन डॉक्टरों के तबादले हो रहे हैं जिस कारण अब हालत ऐसी हो गई है कि लाखों लोगों की सेहत की देखरेख करने के लिए मात्र 13 डॉक्टर बच गए हैं जिससे यहां लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कुछ माह पूर्व तक यहां 21 डॉक्टर थे लेकिन अब मात्र 13 डॉक्टर की यहां शेष रह गए हैं।
चिकित्सकों का तबादला करके मुख्यमंत्री के गृह जिला में भेजा जा रहा है। बिलासपुर अस्पताल से एक माह के भीतर दो चिकित्सक मंडी के लिए ट्रांसफर हो गए हैं। जबकि एक अन्य चिकित्सक एमडी का तबादला भी हो गया है। बीते 6 और 7 फरवरी को जारी हुई अधिसूचना में सोलन, कांगड़ा, बिलासपुर, धर्मशाला और ऊना के चिकित्सकों के तबादले हुए हैं।
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वहीं, हैरान करने की बात तो यह है कि इन सभी चिकित्सकों के तबादले सीधे मंडी जिला में किए गए हैं। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि मुख्यमंत्री के गृह जिला में चिकित्सकों को रखा जा रहा है। वहीं, बिलासपुर जिला की बात की जाए तो यहां पर ट्रांसफर होने के बाद मात्र 13 चिकित्सक ही रह गए हैं।
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गौर हो कि सत्ता परिवर्तन के बाद यहां पर चिकित्सकों की तैनाती होना शुरू हो गई थी जिसके चलते अस्पताल में यहां की जनता को हर ओपीडी मेें चिकित्सक मिलते थे लेकिन अब एक बार फिर से कुछ ओपीडी बंद होने की कगार में आ गई हैं। राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो नई सरकार में बिलासपुर के तीन विधायक हैं, जबकि मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार और ओएसडी भी बिलासपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं लेकिन इसके बाद भी जिला की अनदेखी हो रही है।
इनसेट...
उच्चाधिकारियों को समस्या से कराया अवगत
बिलासपुर से दो और चिकित्सकों का तबादला हो गया है। चिकित्सकों की कमी के बारे उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया दिया गया है।
...डॉ. राजेश आहलूवालिया, एमएस बिलासपुर