{"_id":"5a083f5e4f1c1bc45b8b5912","slug":"21510489950-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूंध की चपेट में आया बिलासपुर शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूंध की चपेट में आया बिलासपुर शहर
Updated Sun, 12 Nov 2017 06:29 PM IST
विज्ञापन
fog
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
सर्दियां शुरू होते ही बिलासपुर शहर धुंध की चपेट आना शुरू हो गया है। इस वजह से सुबह के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इससे पूरा जिला सूखी ठंड की चपेट में आ गया है। वहीं शहर में धुंध की वजह से सुबह दस बजे धूप निकल रही है। इससे शहर के लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार भी बारिश 14 नवंबर के बाद होने के आसार हैं। इससे ठंड और बढे़गी। हर साल ठंड के मौसम में बिलासपुर धुंध की चपेट में आ जाता है। इससे यहां तापमान शिमला, कुल्लू और मनाली से भी नीचे चला जाता है। कोहरा पड़ने से सुबह के समय लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, सरकारी कर्मचारियों और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को झेलनी होती है। हालांकि अभी हालत इतने बिगड़े नहीं है, लेकिन दिसंबर और जनवरी माह में धुुंध का प्रकोप सबसे ज्यादा रहता है। जब दोपहर एक बजे तक यहां पर सूर्य देव के दर्शन नहीं होते। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों की भी बढ़ोतरी होना शुरू हो जाती है। इसमें सर्दी, जुखाम, दमा, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। डॉक्टर भी लोगो को धुुंध में घरों से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं। इसके अलावा शहर से होकर गुजरने वाले वाहनों को भी धुुंध के होने से वाहन चलाते समय हादसों के होने का खतरा मंडराता रहता है। रात दो से तीन बजे के बाद सुबह दस बजे तक धूंध का सबसे ज्यादा रहती है।
विशेषज्ञ चिकित्सक डॉक्टर सतीश का कहना है कि धुुंध में जितना कम बाहर निकलेंगे उतना ही ठीक रहेगा। धुुंध में बाहर निकलने से सर्दी, खांसी और श्वास की बीमारियां होने का खतरा रहता है, बच्चों को भी धुुंध में बाहर नहीं निकलना चाहिए।
बिलासपुर।
सर्दियां शुरू होते ही बिलासपुर शहर धुंध की चपेट आना शुरू हो गया है। इस वजह से सुबह के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इससे पूरा जिला सूखी ठंड की चपेट में आ गया है। वहीं शहर में धुंध की वजह से सुबह दस बजे धूप निकल रही है। इससे शहर के लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार भी बारिश 14 नवंबर के बाद होने के आसार हैं। इससे ठंड और बढे़गी। हर साल ठंड के मौसम में बिलासपुर धुंध की चपेट में आ जाता है। इससे यहां तापमान शिमला, कुल्लू और मनाली से भी नीचे चला जाता है। कोहरा पड़ने से सुबह के समय लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, सरकारी कर्मचारियों और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को झेलनी होती है। हालांकि अभी हालत इतने बिगड़े नहीं है, लेकिन दिसंबर और जनवरी माह में धुुंध का प्रकोप सबसे ज्यादा रहता है। जब दोपहर एक बजे तक यहां पर सूर्य देव के दर्शन नहीं होते। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों की भी बढ़ोतरी होना शुरू हो जाती है। इसमें सर्दी, जुखाम, दमा, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। डॉक्टर भी लोगो को धुुंध में घरों से बाहर न निकलने की सलाह देते हैं। इसके अलावा शहर से होकर गुजरने वाले वाहनों को भी धुुंध के होने से वाहन चलाते समय हादसों के होने का खतरा मंडराता रहता है। रात दो से तीन बजे के बाद सुबह दस बजे तक धूंध का सबसे ज्यादा रहती है।
विशेषज्ञ चिकित्सक डॉक्टर सतीश का कहना है कि धुुंध में जितना कम बाहर निकलेंगे उतना ही ठीक रहेगा। धुुंध में बाहर निकलने से सर्दी, खांसी और श्वास की बीमारियां होने का खतरा रहता है, बच्चों को भी धुुंध में बाहर नहीं निकलना चाहिए।
विज्ञापन