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दस दिन में चुनाव हो एसीसी कर्मचारी यूनियन के चुनाव
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दस दिन में करवाए जाएं एसीसी कर्मचारी यूनियन के चुनाव
21 जनवरी को चेन्नई में हुआ समझौता सीमेंट कर्मचारियों से धोखा
अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)। बरमाणा एसीसी सीमेंट फैक्टरी कर्मचारियों ने कहा है कि पुरानी कार्यकारिणी का कार्यकाल सितंबर-2018 में संपन्न हो चुका है, इसके बावजूद पुरानी कार्यकारिणी ने कर्मचारियों को गुमराह करते हुए अपने षड्यंत्र के तहत चुनाव प्रक्रिया रोक दी है, जो कि गलत है। चुनाव होने चाहिए ताकि वे अपने प्रतिनिधियों का चयन कर सकें। एसीसी कर्मचारियों का कहना है कि अगर दस दिन के भीतर चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं करवाई गई तो वे कार्रवाई करेंगे।
ऑल एसीसी सीमेंट ट्रेड यूनियन के महासचिव एसपी कौशल का कहना है कि जो समझौता अप्रैल 2018 से लंबित था, वह 21 जनवरी 2019 को चेन्नई में पूर्ण हुआ जो अत्यंत निराशाजनक और भारत के समस्त सीमेंट कर्मचारियों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियन एसोसिएशन ऑफ इंडिया इस समझौते का कड़ा विरोध करती है। 1983 सीमेंट आर्बिट्रेशन अवार्ड के पश्चात सीमेंट वेतन समझौते समस्त सीमेंट कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ करते आए हैं। इसलिए वे संपूर्ण वेतन संशोधन की मांग करते आ रहे हैं। 35 सालों से सभी सीमेंट कर्मचारियों के साथ धोखे का खेल जो सीमेंट वेतन समझौते के रूप में चला है। उसका मुख्य कारण संगठनों और फैडरेशनों में अलोकतांत्रिक व्यवस्था है और राष्ट्रीय वेतन समझौते वे लोग करते आए हैं, जिनका सीमेंट उद्योगों से कोई नाता नहीं है। इसके अलावा उन्होंने इंटर उपाध्यक्ष और एसीसी कर्मचारी संघ बरमाणा के कार्यकारी अध्यक्ष के राष्ट्रीय सीमेंट वेतन समझौते को लेकर दिए गए बयान को हास्यास्पद और कर्मचारियों को गुमराह करने वाला बताया है। वे एक साल से कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं और उनके वेतन को 15 हजार और 12 हजार रुपये की डेडलाइन देते रहे। अब वे कैसे आवाज उठाने की बात कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि जिस काम के बोझ, कर्मचारियों की संख्या घटने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की दुहाई दे रहे हैं, वह समझौता किसने किया है। जो वेतन समझौता 2015 मेें किया गया है वह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इसके अलावा सतीश ठाकुर, शेर सिंह ठाकुर, रविंद्र ठाकुर, गोपाल गौतम, बालक राम, विजय ठाकुर, बालक राम, विजय ठाकुर, रतन ठाकुर, कर्म सिंह ठाकुर, नंदलाल, शिव सिंह ठाकुर, अवतार सिंह, जगजीत चौहान, पंडित विद्यासागर ने कहा है कि जो चुनाव लंबित पड़े हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए ताकि वह अपना जन प्रतिनिधि चुन सकें।
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21 जनवरी को चेन्नई में हुआ समझौता सीमेंट कर्मचारियों से धोखा
अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)। बरमाणा एसीसी सीमेंट फैक्टरी कर्मचारियों ने कहा है कि पुरानी कार्यकारिणी का कार्यकाल सितंबर-2018 में संपन्न हो चुका है, इसके बावजूद पुरानी कार्यकारिणी ने कर्मचारियों को गुमराह करते हुए अपने षड्यंत्र के तहत चुनाव प्रक्रिया रोक दी है, जो कि गलत है। चुनाव होने चाहिए ताकि वे अपने प्रतिनिधियों का चयन कर सकें। एसीसी कर्मचारियों का कहना है कि अगर दस दिन के भीतर चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं करवाई गई तो वे कार्रवाई करेंगे।
ऑल एसीसी सीमेंट ट्रेड यूनियन के महासचिव एसपी कौशल का कहना है कि जो समझौता अप्रैल 2018 से लंबित था, वह 21 जनवरी 2019 को चेन्नई में पूर्ण हुआ जो अत्यंत निराशाजनक और भारत के समस्त सीमेंट कर्मचारियों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि ट्रेड यूनियन एसोसिएशन ऑफ इंडिया इस समझौते का कड़ा विरोध करती है। 1983 सीमेंट आर्बिट्रेशन अवार्ड के पश्चात सीमेंट वेतन समझौते समस्त सीमेंट कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ करते आए हैं। इसलिए वे संपूर्ण वेतन संशोधन की मांग करते आ रहे हैं। 35 सालों से सभी सीमेंट कर्मचारियों के साथ धोखे का खेल जो सीमेंट वेतन समझौते के रूप में चला है। उसका मुख्य कारण संगठनों और फैडरेशनों में अलोकतांत्रिक व्यवस्था है और राष्ट्रीय वेतन समझौते वे लोग करते आए हैं, जिनका सीमेंट उद्योगों से कोई नाता नहीं है। इसके अलावा उन्होंने इंटर उपाध्यक्ष और एसीसी कर्मचारी संघ बरमाणा के कार्यकारी अध्यक्ष के राष्ट्रीय सीमेंट वेतन समझौते को लेकर दिए गए बयान को हास्यास्पद और कर्मचारियों को गुमराह करने वाला बताया है। वे एक साल से कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं और उनके वेतन को 15 हजार और 12 हजार रुपये की डेडलाइन देते रहे। अब वे कैसे आवाज उठाने की बात कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि जिस काम के बोझ, कर्मचारियों की संख्या घटने और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की दुहाई दे रहे हैं, वह समझौता किसने किया है। जो वेतन समझौता 2015 मेें किया गया है वह कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इसके अलावा सतीश ठाकुर, शेर सिंह ठाकुर, रविंद्र ठाकुर, गोपाल गौतम, बालक राम, विजय ठाकुर, बालक राम, विजय ठाकुर, रतन ठाकुर, कर्म सिंह ठाकुर, नंदलाल, शिव सिंह ठाकुर, अवतार सिंह, जगजीत चौहान, पंडित विद्यासागर ने कहा है कि जो चुनाव लंबित पड़े हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए ताकि वह अपना जन प्रतिनिधि चुन सकें।
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