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जिले में लावारिस पशु बने लोगों की मौत का कारण

Tue, 18 Dec 2018 11:27 PM IST
Devender Devender Kumar Kumar
Updated Tue, 18 Dec 2018 11:27 PM IST
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जिले में लावारिस पशु बने लोगों की मौत का कारण
Eastside lewisdale gold missy cow

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रितेश गुलेरिया
बिलासपुर। जिला में लावारिस पशुओं के आतंक से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत ऐसी है कि पिछले कुछ सालों में जहां लावारिस पशु करीब 7 लोगों को जिला के विभिन्न क्षेत्रों में हमला कर मौत के घाट उतार चुके हैं, वहीं दर्जनों लोगों को अस्पताल पहुंचा चुके हैं। इसके बाद भी जिला में लावारिस पशुओं पर नकेल कसने का कोई प्रबंध नहीं हो पाए हैं। हालांकि इन रास्तों में रोज वीआईपी, राजनेता और अन्य अधिकारी गुजर रहे हैं लेकिन कोई भी इस संबंध में अभी तक कार्रवाई नहीं कर पाया जिस कारण अभी भी लावारिस पशुओं का खतरा लोगों पर बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि जहां लावारिस पशुओं के आतंक से लोगों की जान को खतरा बना हुआ है, वहीं जिला के सैकड़ों किसानों जिसमें घुमारवीं और झंडूता क्षेत्र मुख्य है में खेती करना छोड़ दिया है। इस कारणा किसानों पर आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
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गत वर्ष झंडूता नेपाली मूूल के व्यक्ति की बैल के हमले में मौत हो गई। जम्बोला में एक महिला की बैल के हमले से मौत हुई है। गत रोज पहले बिलासपुर-हमीरपुर सीमा पर स्कूटी सवार शिक्षिका की बैल के हमले से मौत हो चुकी है। औहर और बरठीं में भी बैल के हमले में दो लोगों की मौत हुई है। जबकि बरमाणा में तीन माह पहले एक व्यक्ति की लावारिस पशुओं के हमले से मौत हो गई।
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इनसेट...
किसी भी प्रधान और अधिकारी पर नहीं हुई कार्रवाई
2015 में हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि लावारिस पशुओं के संरक्षण के लिए गोशाला का निर्माण किया जाए। वहीं हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जिसके क्षेत्र में भी लावारिस पशु मिलेंगे उस पंचायत के प्रधान, नप अध्यक्ष, पंचायत सचिव पर एफआईआर दर्ज की जाए। इसके अलावा अगर एनएच और लोनिवि के सड़क पर लावारिस पशु मिले तो एक्सईएन, एसडीओ और जेई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी लेकिन इसके बाद आज तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।

इनसेट...
बच्चों को स्कूल भेजने में परेशानी
लावारिस पशुओं के आतंक के कारण लोगों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने में भी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। लोगों को हमेशा खतरा बना रहता है कि कहीं लावारिस पशु उनके बच्चों पर हमला न कर दे।
इनसेट...
पीजीआई में चल रहा तीन घायलों का इलाज
अभी भी लावारिस पशुओं के आतंक के हमले में घायल तीन लोगों का उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है जिसमें एक महीना के आंख का ऑपरेशन इसी सप्ताह होना है।
 
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