{"_id":"5a3e91194f1c1b35338b458b","slug":"201514049817-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किस नियम के तहत लेंगे कब्जे, दें लिखित जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किस नियम के तहत लेंगे कब्जे, दें लिखित जानकारी
Updated Sat, 23 Dec 2017 11:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलासपुर। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने दस विभागों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है कि किस नियम के तहत प्रशासन लोगों की जमीन का कब्जा लेना चाहता है। इसकी लिखित रूप में पुष्टि करें। सड़क की चौड़ाई, भूमि अधिग्रहण प्लान, भूमि अधिग्रहण की लिखित जानकारी दी जाए। ताकि सरकारी कार्रवाई से लोग अवगत हो सकें।
समिति ने साफ किया कि जिस हिसाब से सरकारी विभाग कब्जा लेने की जानकारी देगा, उसको विस्थापित भी मानने को तैयार हैं। लेकिन पहले विभाग को इसकी जानकारी लिखित में देनी होगी।
विस्थापित समिति के उपप्रधान राकेश कुमार व महासचिव मदन कुमार शर्मा ने बताया कि प्रभावित अपने कब्जे छोड़ने को तैयार हैं। लेकिन, इससे पहले सरकार को भी बताना होगा कि किस आधार पर कब्जा लेंगे। उन्होंने बताया कि शनिवार को इस संबंध में उपायुक्त बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश लोनिवि के विशेष सचिव, आरओ एनएचएआई शिमला, प्रोजेक्टर डायरेक्टर मंडी, डिविजनल कमिश्नर मंडी, एसडीएम घुमारवीं, एसपी बिजलासपुर, डीएसपी घुमारवीं, तहसीलदार घुमारवीं को 55 पेजों का पत्र भेजकर लिखित में जवाब मांगा है। समिति ने साफ किया है कि अगर विभाग भूमि अधिग्रहण प्लान के तहत कब्जा लेने की बात करते हैं तो सड़क की चौड़ाई 27 मीटर है। निशानदेही 107 के अनुसार कब्जा लेने के लिए कंपनी को जो आदेश निशानदेही के हुए थे उसको कोर्ट ने खत्म कर दिया है। जबकि रंगीन नक्क्षे के अनुसार भूमि अधिग्रहण कहीं और हुआ है और सड़क का निर्माण कहीं दूसरी जगह किया जा रहा है। ऐसे में संबंधित विभाग कैसे कब्जा लेगा इस संबंध में लिखित में जानकारी दें ताकि प्रभावित सड़क बनाने में अपना सहयोग दे सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
समिति ने साफ किया कि जिस हिसाब से सरकारी विभाग कब्जा लेने की जानकारी देगा, उसको विस्थापित भी मानने को तैयार हैं। लेकिन पहले विभाग को इसकी जानकारी लिखित में देनी होगी।
विज्ञापन
विस्थापित समिति के उपप्रधान राकेश कुमार व महासचिव मदन कुमार शर्मा ने बताया कि प्रभावित अपने कब्जे छोड़ने को तैयार हैं। लेकिन, इससे पहले सरकार को भी बताना होगा कि किस आधार पर कब्जा लेंगे। उन्होंने बताया कि शनिवार को इस संबंध में उपायुक्त बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश लोनिवि के विशेष सचिव, आरओ एनएचएआई शिमला, प्रोजेक्टर डायरेक्टर मंडी, डिविजनल कमिश्नर मंडी, एसडीएम घुमारवीं, एसपी बिजलासपुर, डीएसपी घुमारवीं, तहसीलदार घुमारवीं को 55 पेजों का पत्र भेजकर लिखित में जवाब मांगा है। समिति ने साफ किया है कि अगर विभाग भूमि अधिग्रहण प्लान के तहत कब्जा लेने की बात करते हैं तो सड़क की चौड़ाई 27 मीटर है। निशानदेही 107 के अनुसार कब्जा लेने के लिए कंपनी को जो आदेश निशानदेही के हुए थे उसको कोर्ट ने खत्म कर दिया है। जबकि रंगीन नक्क्षे के अनुसार भूमि अधिग्रहण कहीं और हुआ है और सड़क का निर्माण कहीं दूसरी जगह किया जा रहा है। ऐसे में संबंधित विभाग कैसे कब्जा लेगा इस संबंध में लिखित में जानकारी दें ताकि प्रभावित सड़क बनाने में अपना सहयोग दे सकें।
विज्ञापन