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चौबीस घंटे में हो रहा है टोल पर 2.5 लाख का नुकसान
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:40 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
स्वारघाट(बिलासपुर)। ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल से गरामौड़ा टोल टैक्स बैरियर को लाखों का नुकसान हो रहा है। हर दिन 24 घंटे के अंदर टोल टैक्स बैरियर गरामोड़ा को करीब 2.5 लाख रुपये नुकसान हो रहा है। गौर रहे यहां सब से अधिक टैक्स ट्रकों से वसूल किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर पंजाब व हिमाचल सीमा पर गरामोड़ा स्थान में प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश के प्रवेश द्वार पर टोल टैक्स बैरियर लगा रखा है। उक्त टोल टैक्स बैरियर से हिमाचल की सीमा में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के सभी वाहनों व हिमाचल के भारी वाहनों से टोल फीस वसूल की जाती है। इस कारण प्रदेश सरकार के आबकारी विभाग को रोजाना लाखों की आमदनी होती है लेकिन बीते 6 दिन से जब से ट्रक ऑपरेटरों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल चल रही है उस दिन रोजाना उक्त टोल बैरियर नाका में एकत्रित होने वाली आमदनी में एकदम से ठहराव सा आ गया है।
टोल नाके पर तैनात कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हड़ताल से पहले टोल बैरियर को रोजाना 24 घंटे में करीब 2.50 लाख की रकम जमा होती थी, लेकिन अब यह आंकड़ा मात्र 25 फीसदी तक ही रह गया है।
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टोल नाके से रोजाना इस मार्ग से दिन रात हजारों के हिसाब से छोटे बड़े वाहन गुजरते हैं। इस मार्ग से तीन नामी कंपनियों एसीसी सीमेंट बरमाना, अंबुजा सीमेंट दाड़लाघाट और अल्ट्राट्रेक सीमेंट बागा की हजारों गाड़ियां इस नाके से होकर निकलती हैं लेकिन हड़ताल के चलते गरामोड़ा टोल नाके पर सनाटा छाया हुआ है। टोल नाके पर तैनात कर्मचारी का कहना है की ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल के चलते लाखों का नुकसान हो रहा है।
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स्वारघाट(बिलासपुर)। ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल से गरामौड़ा टोल टैक्स बैरियर को लाखों का नुकसान हो रहा है। हर दिन 24 घंटे के अंदर टोल टैक्स बैरियर गरामोड़ा को करीब 2.5 लाख रुपये नुकसान हो रहा है। गौर रहे यहां सब से अधिक टैक्स ट्रकों से वसूल किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर पंजाब व हिमाचल सीमा पर गरामोड़ा स्थान में प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश के प्रवेश द्वार पर टोल टैक्स बैरियर लगा रखा है। उक्त टोल टैक्स बैरियर से हिमाचल की सीमा में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के सभी वाहनों व हिमाचल के भारी वाहनों से टोल फीस वसूल की जाती है। इस कारण प्रदेश सरकार के आबकारी विभाग को रोजाना लाखों की आमदनी होती है लेकिन बीते 6 दिन से जब से ट्रक ऑपरेटरों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल चल रही है उस दिन रोजाना उक्त टोल बैरियर नाका में एकत्रित होने वाली आमदनी में एकदम से ठहराव सा आ गया है।
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टोल नाके पर तैनात कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हड़ताल से पहले टोल बैरियर को रोजाना 24 घंटे में करीब 2.50 लाख की रकम जमा होती थी, लेकिन अब यह आंकड़ा मात्र 25 फीसदी तक ही रह गया है।
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टोल नाके से रोजाना इस मार्ग से दिन रात हजारों के हिसाब से छोटे बड़े वाहन गुजरते हैं। इस मार्ग से तीन नामी कंपनियों एसीसी सीमेंट बरमाना, अंबुजा सीमेंट दाड़लाघाट और अल्ट्राट्रेक सीमेंट बागा की हजारों गाड़ियां इस नाके से होकर निकलती हैं लेकिन हड़ताल के चलते गरामोड़ा टोल नाके पर सनाटा छाया हुआ है। टोल नाके पर तैनात कर्मचारी का कहना है की ट्रक ऑपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल के चलते लाखों का नुकसान हो रहा है।