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एशिया की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन के ऑपरेटरों ने आंदोलन को चेताया
Updated Sun, 11 Feb 2018 10:23 PM IST
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सरोज पाठक
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बरमाणा (बिलासपुर)।
एशिया की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन बिलासपुर डिस्ट्रिक्ट ट्रक ऑपरेटर्स सोसाइटी (बीडीटीएस) के ट्रांस्पोर्टरों ने एसीसी कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दे दी है। सोसाइटी सदस्यों ने कहा है कि यूनियन प्रबंधन होने के बावजूद उनकी समस्याओं को सुना नहीं जा रहा। एक महीने के भीतर यदि उनकी लंबित मांगों पर पुख्ता कदम नहीं उठाए गए तो वह आंदोलन से गुरेज नहीं करेंगे। गतिरोध की जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। ऑपरेटर धनी राम, शफी मोहम्मद, सुमन कुमार, विश्वनाथ, श्यामलाल, सोनू कुमार, अवतार सिंह, पुरुषोत्तम, राजकुमार, संदीप, संजू कुमार, प्रेमलाल, राकेश कुमार, राज कुमार, सतीश कुमार, नवीन कुमार, सुभाष, रंजीत, तिर्थराज, अमर सिंह चौधरी का कहना है कि बीडीटीएस का गठन ऑपरेटरों के हित के लिए हुआ था। लेकिन आज तक ऑपरेटरों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाया है। एसीसी अपनी मर्जी से ऑपरेटरों की गाड़ियों के लिए कंपनी के गेट खोलती है और अपनी मर्जी से बंद करती है। डिमांड के बाद गाड़ी भरवाने के लिए एसीसी गेट के बाहर एनएच-21 पर 16 से 24 घंटे तक लाइन में लगे रहना पड़ता है। इस दौरान कई बार पुलिस का पर्चा ट्रक के शीशे पर टंगा हुआ दिख जाता है। जिस दिन ट्रक भरवाना होता है उस दिन चालकों को व्रत रखना पड़ता है। इसके अलावा जो एमबीआई व आरटीओ से पास गाड़ियां होती हैं, उन्हें भी एसीसी के अधिकारियों द्वारा रिजेक्ट कर दिया जाता है। गुस्साए ऑपरेटरों ने कहा कि वे अपने ट्रक हाईवे पर खड़ा करने के पक्ष में नहीं हैं। लेकिन बीडीटीएस और एसीसी ने पार्किंग स्थल मुहैया नहीं करवाया है। जिसके चलते ट्रकों को हाईवे पर खड़ा करने की मजबूरी है। ऐसे में उनकी आधी कमाई तो पुलिस के चालान में भी खर्च हो जाती है, जबकि बची हुई कमाई डंपों पर खत्म हो जाती है। इसके अलावा भी कई तरह की परेशानियों से ऑपरेटर जूझ रहे हैं। बीडीटीएस के पूर्व प्रधान लेखराम वर्मा का कहना है कि अगर ऑपरेटरों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह इस मसले को जिला प्रशासन व सरकार के समक्ष ले जाएंगे। बीडीटीएस व एसीसी 31 मार्च तक अपने रवैये में बदलाव करें। अन्यथा कड़ा संघर्ष होगा। बीडीटीएस प्रधान रमेश ठाकुर का कहना है कि यूनियन ऑपरेटरों के हितों के लिए कार्य कर रही है। कुछ दिनों पहले डंपों में दिक्कत हुई थी, जोकि अब दूर हो गई है। इसके अलावा पार्किंग स्थल को लेकर सोमवार को कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। पुलिस कर्मियों के साथ भी बैठक की जा रही है।