{"_id":"5aeb4cda4f1c1bed778b6713","slug":"171525370074-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीसरे दिन भी नहीं हुआ माल ढुलाई का कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीसरे दिन भी नहीं हुआ माल ढुलाई का कार्य
Updated Thu, 03 May 2018 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरमाणा (बिलासपुर)। एशिया के सबसे बड़ी ट्रक यूनियन बीडीटीसी में तीसरे दिन भी माल ढुलाई का कार्य नहीं हो पाया। सहकारी सभा बरमाणा के पुकार हाल में तीसरे दिन भी सीमेंट व क्लिंकर के लिए गाड़ियों की डिमांड ट्रक ऑपरेटरों के विरोध के चलते नहीं हो पाई।
वीरवार को ट्रक ऑपरेटर ने कई वर्षों से चली आ रही मांगों का एक मसौदा बनाया। उधर, दूसरी ओर वीरवार को एसीसी प्रबंधन द्वारा भी सहकारी सभा को बैठक के लिए बुलाया गया था। लेकिन बैठक में उच्च प्रबंधन के न आने के कारण बैठक बेनतीजा रही। उल्लेखनीय है कि एक मई को ट्रक ऑपरेटरों के भारी विरोध के चलते गाड़ियों की डिमांड पूर्णतया बंद कर दी गई थी। ऑपरेटरों का आरोप है कि बाहरी राज्य के सीमेंट डंप व प्रदेश के स्टॉकिस्टों द्वारा गाड़ियों की अनलोडिंग तीन से चार दिनों तक कई जगहों पर की जा रही थी। इस समस्या को लेकर कार्यकारिणी द्वारा भी एसीसी प्रबंधन को कई बार अवगत करवाया गया। लेकिन, एसीसी फैक्ट्री के अधिकारियों ने इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया। अन्य समस्याओं का समाधान भी जिला प्रशासन के दिशा-निर्देश के बावजूद एसीसी प्रबंधन करने में पूर्णतया असफल रहा। लाखों रुपये का प्रतिदिन कारोबार करने वाली एसीसी फैक्ट्री का पहिया भी रुक गया है। इस कारण लाखों रुपये की आर्थिक हानि ऑपरेटरों के साथ-साथ सरकारी खजाने को भी लगना स्वाभाविक है।
बीडीटीएस सोसायटी और भूतपूर्व सैनिक ट्रक यूनियन के करीब 5500 ट्रकों का पहिया जाम हो गया है। ऑपरेटरों द्वारा डिमांड हाल से लेकर एसीसी फैक्ट्री के गेट तक शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया गया।
विज्ञापन
सभा के प्रधान रमेश ठाकुर ने कहा एसीसी प्रबंधन ने बैठक का न्योता वीरवार सुबह दिया था। जिस पर वर्तमान कार्यकारिणी एवं पूर्व कार्यकारिणी के कुछ सदस्य मीटिंग में उपस्थित रहे। लेकिन, ऑपरेटरों की समस्याओं पर चर्चा मात्र एक औपचारिकता ही रही। क्योंकि एसीसी प्रबंधन की ओर से बैठे अधिकारियों ने कहा कि टॉप मैनेजमेंट के अधिकारी 11 तारीख या फिर 15 मई को यहां पर पहुंच रहे हैं। इसलिए बैठक में दिए गए मांग पत्र पर कोई भी फैसला नहीं दे पाए। एसीसी प्रबंधन को बैठक में ही अल्टीमेटम दे दिया गया है कि जब तक ऑपरेटरों की समस्याओं और मांगों का हल नहीं होता है ढुलान का कार्य बंद ही रहेगा।
विज्ञापन
वीरवार को ट्रक ऑपरेटर ने कई वर्षों से चली आ रही मांगों का एक मसौदा बनाया। उधर, दूसरी ओर वीरवार को एसीसी प्रबंधन द्वारा भी सहकारी सभा को बैठक के लिए बुलाया गया था। लेकिन बैठक में उच्च प्रबंधन के न आने के कारण बैठक बेनतीजा रही। उल्लेखनीय है कि एक मई को ट्रक ऑपरेटरों के भारी विरोध के चलते गाड़ियों की डिमांड पूर्णतया बंद कर दी गई थी। ऑपरेटरों का आरोप है कि बाहरी राज्य के सीमेंट डंप व प्रदेश के स्टॉकिस्टों द्वारा गाड़ियों की अनलोडिंग तीन से चार दिनों तक कई जगहों पर की जा रही थी। इस समस्या को लेकर कार्यकारिणी द्वारा भी एसीसी प्रबंधन को कई बार अवगत करवाया गया। लेकिन, एसीसी फैक्ट्री के अधिकारियों ने इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया। अन्य समस्याओं का समाधान भी जिला प्रशासन के दिशा-निर्देश के बावजूद एसीसी प्रबंधन करने में पूर्णतया असफल रहा। लाखों रुपये का प्रतिदिन कारोबार करने वाली एसीसी फैक्ट्री का पहिया भी रुक गया है। इस कारण लाखों रुपये की आर्थिक हानि ऑपरेटरों के साथ-साथ सरकारी खजाने को भी लगना स्वाभाविक है।
विज्ञापन
बीडीटीएस सोसायटी और भूतपूर्व सैनिक ट्रक यूनियन के करीब 5500 ट्रकों का पहिया जाम हो गया है। ऑपरेटरों द्वारा डिमांड हाल से लेकर एसीसी फैक्ट्री के गेट तक शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया गया।
विज्ञापन
सभा के प्रधान रमेश ठाकुर ने कहा एसीसी प्रबंधन ने बैठक का न्योता वीरवार सुबह दिया था। जिस पर वर्तमान कार्यकारिणी एवं पूर्व कार्यकारिणी के कुछ सदस्य मीटिंग में उपस्थित रहे। लेकिन, ऑपरेटरों की समस्याओं पर चर्चा मात्र एक औपचारिकता ही रही। क्योंकि एसीसी प्रबंधन की ओर से बैठे अधिकारियों ने कहा कि टॉप मैनेजमेंट के अधिकारी 11 तारीख या फिर 15 मई को यहां पर पहुंच रहे हैं। इसलिए बैठक में दिए गए मांग पत्र पर कोई भी फैसला नहीं दे पाए। एसीसी प्रबंधन को बैठक में ही अल्टीमेटम दे दिया गया है कि जब तक ऑपरेटरों की समस्याओं और मांगों का हल नहीं होता है ढुलान का कार्य बंद ही रहेगा।