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बडग़ांव बल्लू पंचायत के कई गावों में गहराया पेयजल संकट
Updated Sun, 12 Nov 2017 06:30 PM IST
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water tap
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अमर उजाला ब्यूरो
झंडूता (बिलासपुर)।
पिछड़ा क्षेत्र कोटधार की पंचायत बड़गांव गल्लू के अप्पर बुखर, लोअर बुखर, बड़गांव वार्ड-चार, डुहक, दमेहड़ा और नहाणी गावों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। पानी न आने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार चाहे जितना भी कहे है कि सब जगह विकास हो रहा है, लेकिन अभी भी पंचायत के बाशिंदों को पानी की समस्या से परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जन स्वास्थ्य सिंचाई विभाग अभी तक पूरी तरह से इन पंचायत के बाशिंदों को पेयजल समस्या को दूर नहीं करवा पाया है। इस वजह से गांव में कभी तीसरे दिन, कभी चौथे दिनपानी मिलता है। मजबूरन लोगों को प्राकृतिक स्रोतों से या फिर गोविंद सागर झील से पानी लाकर गुजारा करना पड़ता है। ग्रामीण प्रीतम सिंह, केशव दत्त, सोमनाथ, तारा देवी, केसरु राम और कौशल्या देवी सहित सैकड़ों बाशिंदों ने विभाग, प्रशासन और प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि इस समस्या से हमें छुटकारा दिलाया जाए।
जानकारी अनुसार अभी हाल ही में एक नई प्रपोजल बनाई गई है जिसमें मारुड़ा क्षेत्र के साथ लगती सरयहाली खड्ड से योजना की डीपीआर बनकर तैयार हो गई है। मगर इसका कार्य इससे आगे नहीं बढ़ पाया है। पानी की समस्या से जूझ रहे गावों के लिए तलाई सेक्शन में सबसे बड़ा पेयजल का भंडारण टैंक 1 लाख 22 हजार की क्षमता का बुखर में बना है। मगर इसमें नघ्यार, भराड़ी प्राकृतिक स्रोत से ही पानी आता है, जोकि बहुत कम है। इसके चलते लोगों को तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी कोई किसी बड़े नेता का कार्यक्रम हो तो मंचों से इस समस्या का जिक्र तो होता है। मगर विभाग इस समस्या को अभी तक सुलझाने में पूरी तरह नाकाम है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग जब तक ऐसे पिछड़े क्षेत्रों की मौका पर जाकर लोगों को साथ क्षेत्रों को दौरा नहीं करेगा, तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा। लोगों ने प्रशासन और आईपीएच विभाग से मांग की है कि वह जल्द से जल्द पानी की समस्या को हल करवाए।
झंडूता (बिलासपुर)।
पिछड़ा क्षेत्र कोटधार की पंचायत बड़गांव गल्लू के अप्पर बुखर, लोअर बुखर, बड़गांव वार्ड-चार, डुहक, दमेहड़ा और नहाणी गावों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। पानी न आने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार चाहे जितना भी कहे है कि सब जगह विकास हो रहा है, लेकिन अभी भी पंचायत के बाशिंदों को पानी की समस्या से परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जन स्वास्थ्य सिंचाई विभाग अभी तक पूरी तरह से इन पंचायत के बाशिंदों को पेयजल समस्या को दूर नहीं करवा पाया है। इस वजह से गांव में कभी तीसरे दिन, कभी चौथे दिनपानी मिलता है। मजबूरन लोगों को प्राकृतिक स्रोतों से या फिर गोविंद सागर झील से पानी लाकर गुजारा करना पड़ता है। ग्रामीण प्रीतम सिंह, केशव दत्त, सोमनाथ, तारा देवी, केसरु राम और कौशल्या देवी सहित सैकड़ों बाशिंदों ने विभाग, प्रशासन और प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि इस समस्या से हमें छुटकारा दिलाया जाए।
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जानकारी अनुसार अभी हाल ही में एक नई प्रपोजल बनाई गई है जिसमें मारुड़ा क्षेत्र के साथ लगती सरयहाली खड्ड से योजना की डीपीआर बनकर तैयार हो गई है। मगर इसका कार्य इससे आगे नहीं बढ़ पाया है। पानी की समस्या से जूझ रहे गावों के लिए तलाई सेक्शन में सबसे बड़ा पेयजल का भंडारण टैंक 1 लाख 22 हजार की क्षमता का बुखर में बना है। मगर इसमें नघ्यार, भराड़ी प्राकृतिक स्रोत से ही पानी आता है, जोकि बहुत कम है। इसके चलते लोगों को तीसरे दिन पानी की आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी कोई किसी बड़े नेता का कार्यक्रम हो तो मंचों से इस समस्या का जिक्र तो होता है। मगर विभाग इस समस्या को अभी तक सुलझाने में पूरी तरह नाकाम है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग जब तक ऐसे पिछड़े क्षेत्रों की मौका पर जाकर लोगों को साथ क्षेत्रों को दौरा नहीं करेगा, तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा। लोगों ने प्रशासन और आईपीएच विभाग से मांग की है कि वह जल्द से जल्द पानी की समस्या को हल करवाए।
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