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विनायकघाट में रिहायशी मकान के गिरने का बना खतरा
Updated Tue, 14 Aug 2018 10:42 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जुखाला (बिलासपुर)। राष्ट्रीय राजमार्ग की मनमर्जी के चलते विनायकघाट के कालीदास के तीन मंजिला मकान पर गिरने का खतरा पैदा हो गया है। राजमार्ग में बारिश के पानी की सही निकासी न होने से पूरा का पूरा बारिश का पानी कालीदास के मकान पर गिर रहा है। इससे मकान के साथ बनाए जा रहे निर्माणाधीन कमरों के तीन पिल्लर सोमवार को हुई भारी बारिश में बह गए हैं। जबकि कीचड़ युक्त मलवा पूरे घर के आसपास एकत्रित हो जाने से मकान को खतरा पैदा हो गया है।
विनायकघाट के कालीदास ने आरोप लगाया है कि वह पिछले कई सालों से विभाग से वर्षा के पानी की उचित निकासी के लिए गुहार लगा चुका है लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कालीदास अपने परिवार सहित यहां पर रहते हैं। ऐसे में भारी बारिश का पानी सीधे उनके घर के पास से होकर बहता है। इनका कहना है कि पानी की निकासी के लिए यहां पर विभाग ने पुली तो बना दी है, लेकिन मकान के नीचे डंगा न लगाने से बारिश के पानी से भूमि कटाव हो रहा है।
इस कारण मकान पर गिरने का खतरा पैदा हो गया है। वहीं इनका कहना है कि अभी हाल ही में हुई सोमवार की बारिश से भी नए कमरों के लिए लगाए गए पिल्लर बारिश के पानी से बह गए हैं। वहीं अब मकान के नीचे हो रहे भूमि कटाव के चलते मकान के गिरने का भी खतरा पैदा हो गया है। एनएच के सहायक अभियंता डीसी शर्मा का कहना है कि विभाग ने पुली का निर्माण के दौरान मकान के साथ लगती जमीन को पक्का किया है लेकिन जो डंगे की बात की जा रही है वह विभाग के पास नहीं पहुंची है।
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जुखाला (बिलासपुर)। राष्ट्रीय राजमार्ग की मनमर्जी के चलते विनायकघाट के कालीदास के तीन मंजिला मकान पर गिरने का खतरा पैदा हो गया है। राजमार्ग में बारिश के पानी की सही निकासी न होने से पूरा का पूरा बारिश का पानी कालीदास के मकान पर गिर रहा है। इससे मकान के साथ बनाए जा रहे निर्माणाधीन कमरों के तीन पिल्लर सोमवार को हुई भारी बारिश में बह गए हैं। जबकि कीचड़ युक्त मलवा पूरे घर के आसपास एकत्रित हो जाने से मकान को खतरा पैदा हो गया है।
विनायकघाट के कालीदास ने आरोप लगाया है कि वह पिछले कई सालों से विभाग से वर्षा के पानी की उचित निकासी के लिए गुहार लगा चुका है लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कालीदास अपने परिवार सहित यहां पर रहते हैं। ऐसे में भारी बारिश का पानी सीधे उनके घर के पास से होकर बहता है। इनका कहना है कि पानी की निकासी के लिए यहां पर विभाग ने पुली तो बना दी है, लेकिन मकान के नीचे डंगा न लगाने से बारिश के पानी से भूमि कटाव हो रहा है।
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इस कारण मकान पर गिरने का खतरा पैदा हो गया है। वहीं इनका कहना है कि अभी हाल ही में हुई सोमवार की बारिश से भी नए कमरों के लिए लगाए गए पिल्लर बारिश के पानी से बह गए हैं। वहीं अब मकान के नीचे हो रहे भूमि कटाव के चलते मकान के गिरने का भी खतरा पैदा हो गया है। एनएच के सहायक अभियंता डीसी शर्मा का कहना है कि विभाग ने पुली का निर्माण के दौरान मकान के साथ लगती जमीन को पक्का किया है लेकिन जो डंगे की बात की जा रही है वह विभाग के पास नहीं पहुंची है।
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